माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी में बांधवगढ़ से लाई गई बाघिन को शुक्रवार को बाड़े से निकालकर खुले वनक्षेत्र में छोड़ा गया है। इसकी लगातार निगरानी की जाएगी। वह अब खुले में शिकार करेगी। इससे पहले एक नर बाघ को भी खुले जंगल में छोड़ दिया गया था। एक बाघिन बड़े बाड़े में शेष है, जल्द ही उसे भी खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी के प्रबंधन की ओर से बताया गया कि यहां दो मादा एवं एक नर बाघ अन्य टाइगर रिजर्व से पुनर्स्थापित किए गए हैं। शुक्रवार शाम 5.30 बजे बाघिन को बाड़े से बाहर खुले वनक्षेत्र में छोड़ दिया गया है। खुले वनक्षेत्र में फील्ड स्टाफ द्वारा टाइगर ट्रेकिंग भी लगातार की जा रही है। इस तरह से अभी तक एक बाघ व एक बाघिन को खुले जंगल में पर छोड़ा जा चुका है। इन पर फील्ड स्टाफ द्वारा टाइगर ट्रेकिंग से निगरानी की जा रही है।
नेशनल पार्क में तीन टाइगर लाए गए हैं
ज्ञात हो कि शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बाघ बसाए जाने की योजना के तहत पहले चरण में तीन टाइगर लाए गए हैं। यहां पर पहले दौर में 10 मार्च को केवल दो ही टाइगर छोड़े गए थे। बाद में एक बाघिन को लाया गया था। तीनों को पहले यहां पर नेशनल पार्क के बलारपुर के जंगल में बनाए गए बाड़े में रखा गया था।
एक बाघिन रह गई है बाड़े में
माधव राष्ट्रीय उद्यान में तीन टाइगर लाए गए थे। दो टाइगर को यहां पर खुले जंगल में छोड़े जाने के बाद अब एक बाघिन यहां पर बलारपुर वन क्षेत्र में बनाए गए बाड़े में रह गई है। अधिकारियों ने बताया कि इसे भी जल्द ही छोड़ा जाएगा।