शिवपुरी में पीडब्ल्यूडी के अफसरों का भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर की पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाली फतेहपुर सड़क की हालत अच्छी अवस्था में थी। लेकिन बजट ठिकाने लगाने के लिए यहां डामरीकरण कराया जा रहा है। जब इस संबंध में अधिकारियों से पूछा गया तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सीधा जवाब नहीं दे पाए। बचाव की मुद्रा में नजर आए। अधिकारियों का कहना है कि हर सड़क का हमें पांच साल में मेंटेनेंस करना पड़ता है। इसलिए शिवपुरी के फतेहपुर रोड पर शिवपुरी पब्लिक स्कूल से थीम रोड तक के लिए सड़क पर डामरीकरण कराया जा रहा है।
शिवपुरी शहर के फतेहपुर रोड पर शिवपुरी पब्लिक स्कूल के सामने से पीडब्ल्यूडी की रोड है। इस रोड को कुछ साल पहले ही डाला गया था और वर्तमान में इस रोड की हालत अच्छी अवस्था में थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर दोबारा से सड़क डालने की कोई आवश्यकता नहीं थी। क्योंकि वर्तमान में यह रोड अच्छे हाल में थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बजट ठिकाने लगाने के लिए ठेकेदार के माध्यम से यहां पर डामरीकरण करा डाला।
पुरानी सड़क पर ही ऊपर से पतली लेयर का डामरीकरण किया गया है। सूत्रों ने बताया है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने मनमानी करते हुए अपने विभाग की बजट को ठिकाने लगा दिया है। बताया जाता है कि मार्च का महीना आने वाला है और वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, इसलिए रखरखाव का जो पैसा विभाग के पास था, उसे इस सड़क के डामरीकरण के नाम पर ठिकाने लगा दिया गया है।
अधिकारी नहीं दे पाए सटीक जवाब
जब इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के ईई धर्मेंद्र यादव से पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें इस रोड के डामरीकरण की कोई ज्यादा जानकारी नहीं है। वह अपने अधीनस्थ अधिकारियों से पूछेंगे लेकिन फिर भी कई बार पांच साल में सड़क में खराब हो जाती है मेंटेनेंस करना पड़ता है। इसलिए सड़क पर पतली लेयर का मेंटेनेंस डामरीकरण हो रहा होगा। उन्होंने बताया कि इस मेंटेनेंस में डामरीकरण में करीब एक किलोमीटर पर 10 लाख रुपये का खर्च आता है। ईई इस मामले में सीधा उत्तर देने से बचते नजर आए।