फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shivpuri News: नगर पालिका का बुरा हाल, नामांतरण के 430 मामले पेंडिंग, कार्यालय के चक्कर लगा रहे लोग

Tue, 19 Dec 2023 10:51 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी नगर पालिका का बुरा हाल हो गया है। यहां नामांतरण के 430 मामले पेंडिंग पड़े हैं। लोग कार्यालय के चक्कर लगा-लगाकर थक गए हैं।
विज्ञापन
शिवपुरी नगर पालिका - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिवपुरी नगर पालिका में इस समय संपत्ति के नामांतरण न होने से लोग परेशान हैं। प्लॉट हो या मकान, उसकी रजिस्ट्री करवाने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया होती है, जिसमें नगरपालिका के रिकॉर्ड में प्लॉट या भवन विक्रेता से क्रेता के नाम से दर्ज किया जाता है। लेकिन यह प्रक्रिया इस समय नगर पालिका में एक तरह से ठप पड़ी है।

विज्ञापन


बताया जा रहा है कि नगर पालिका में नामांतरण काम को देखने वाले बाबू की पिछले दिनों तबीयत खराब हुई तो पूरा काम ही ठप हो गया और व्यवस्था भी बीमार हो गई। नगर पालिका में हालत यह है कि नामांतरण प्रक्रिया लटकने को लेकर कोई वरिष्ठ अधिकारी भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

बीमारी के बाद बाबू लौटा, लेकिन प्रक्रिया अभी भी लटकी
बताया जा रहा है कि नगर पालिका में नामांतरण शाखा संभाल रहा कर्मचारी भी स्वस्थ होकर छुट्टी से वापस आ गया। लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर न होने की वजह से वो काम शुरू नहीं कर पाया। शिवपुरी के कई लोगों ने बताया है कि वह नामांतरण कराने के लिए कई दिनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। एक पीड़िता जमीला बानो के पति की मौत के बाद उसके मकान का फौती नामांतरण उसके पक्ष में होना है। वो पिछले छह महीने से परेशान हो रही है। लेकिन अभी तक उसका फौती नामांतरण नहीं हो पाया। वहीं, विद्या धानुक का भी नामांतरण हो चुका है, यह बताया जा रहा है, लेकिन उसे अभी तक नामांतरण के दस्तावेज नहीं मिल पाए।
विज्ञापन


430 नामांतरण लटके पड़े हैं
नगर पालिका में बताया जा रहा है कि ऐसे एक-दो नहीं, बल्कि 430 नामांतरण प्रकरण हैं, जो लोगों को बंटे नहीं हैं। इस दौरान नगरपालिका में नामांतरण शाखा देखने वाले गजेंद्र जैन के सिर में तकलीफ हो जाने की वजह से वो डेढ़ महीने से अवकाश पर थे। लेकिन अब जबकि वो स्वस्थ होकर वापस आ गए तो उनके ऑफिस में ऑनलाइन नामांतरण दर्ज नहीं कर पा रहे। क्योंकि उनके पास कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं है।

लोन सहित कई काम लटके
किसी भी प्लॉट या मकान की रजिस्ट्री होने के बाद उसका नामांतरण होने के बाद ही वो व्यक्ति उसे किसी दूसरे को बेच सकता है। क्योंकि पहले तो उस प्रॉपर्टी को ऑन रिकॉर्ड अपना दर्शाना पड़ेगा, उसके बाद ही वो किसी दूसरे को दे सकता है। वहीं, कुछ लोगों ने प्लॉट की रजिस्ट्री तो करा ली, लेकिन नामांतरण न होने की वजह से लोग लोन के लिए एप्लाई नहीं कर पा रहे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें