फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shivpuri News: फर्जी एनओसी तैयार कर बेच दी पांच करोड़ की सरकारी जमीन, अब धोखाधड़ी का केस दर्ज

Sat, 22 Mar 2025 04:37 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी में फर्जी एनओसी के जरिए पांच करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन बेचने का मामला सामने आया है। पटवारी आनंद यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। नगर पालिका द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर एसडीएम ने खुद मामला दर्ज कराया।
विज्ञापन
नगर पालिका शिवपुरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिवपुरी नगर पालिका के फर्जी एनओसी के माध्यम से पांच करोड़ रुपये मूल्य की एक सरकारी जमीन बेचने के मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। शिवपुरी एसडीएम को हुई एक शिकायत के बाद यह कार्रवाई की है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने एसडीएम के पत्र पर सरकारी जमीन को बेचने के मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने नगर पालिका से फर्जी एनओसी बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया और पूरे मामले की जांच पहले एसडीएम ने की थी, जांच के बाद ही संबंधित पर प्रकरण दर्ज कराए गए हैं।

विज्ञापन


भू-माफिया ने बनवाई फर्जी एनओसी
बताया जा रहा है कि पटवारी आनंद यादव ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि शहर के फिजिकल क्षेत्र स्थित झींगूरा में 2700 वर्ग फीट जमीन, जोकि शासकीय थी। उस जमीन की कुछ लोगों ने नगर पालिका से फर्जी एनओसी बनाकर लाखों रुपये में विक्रय कर दिया। इस जमीन को भू-माफिया बद्री धाकड़ और मंजू पत्नी सतीश अग्रवाल ने खरीदा था। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने भी इस जमीन को औने-पौने दामों में खरीदा था। बाद में किसी एडवोकेट ने एसडीएम उमेश कौरव के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि शासकीय जमीन को बेचा गया है।

ये भी पढ़ें- आंखों के सामने बदली ज्वेलरी, बदमाशों ने ज्वेलर्स को लगाया तीन लाख का चूना, अब पुलिस कर रही तलाश
विज्ञापन


एसडीएम की जांच में हुआ खुलासा
शिकायत के बाद मामले की जब एसडीएम ने जांच कराई तो भूमि शासकीय निकली। इस मामले में एसडीएम ने चार दिन पूर्व ही क्रेता, विक्रेता, दलाल और गवाहों सहित अन्य पर केस दर्ज करने के आदेश सीएमओ नगर पालिका को दिए थे, लेकिन जब नगर पालिका ने मामले में केस दर्ज नहीं कराया तो एसडीएम ने पटवारी को कोतवाली पहुंचाकर जमीन को बेचने वाले सीताराम गौड़, विजय गौड़, कन्हैया गौड़, रवि विश्वकर्मा, धन्नो गौड़, आनंदी गौड़, महादेवी विश्वकर्मा, राजेश कुशवाह, रामनिवास रावत सहित अन्य आरोपीगण पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- भतीजों ने बुजुर्ग चाचा को डंडों से बुरी तरह पीटा, इलाज के दौरान मौत, मारपीट का वीडियो वायरल

इस मामले में दो लोगों पर अभी भी नहीं हुई एफआईआर
बताया जा रहा है कि पूर्व एसडीएम ने विक्रेताओं पर भी इस मामले में कार्रवाई के लिए लिखा था, लेकिन इन्हें अब बचा लिय गया है। बताया जा रहा है कि पूरे मामले से क्रेता बद्री धाकड़ और मंजू पत्नी सतीश अग्रवाल को इस मामले से अचानक से अलग कर दिया गया। ऐसे में शहर में चर्चा है कि सांठगांठ कर इन बड़े कॉलोनाइजरों के नाम मामले से हटाए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर कोतवाली टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि हमने एसडीएम कार्यालय से आए प्रतिवेदन पर कुछ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मामले में विवेचना के बाद आरोपियों की संख्या और धाराएं बढ़ सकती हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें