मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रहने वाले एक 23 वर्ष के युवक नवजोत ढिल्लों की ब्राजील में टूर के दौरान मौत हो गई थी। उसके बाद 11वें दिन मृत छात्र का शव शिवपुरी आ सका। शिवपुरी में छात्र के गृह ग्राम में शव आने के बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस बीच परिवार जनों में आक्रोश है, क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार सहित किसी भी जन प्रतिनिधि ने छात्र के शव को लाने के लिए कोई मदद परिवार जनों की नहीं की। खुद के खर्चे पर परिवारजन मृत छात्र का शव शिवपुरी लेकर आए।
नवजोत के पिता शेर सिंह ने बताया कि शव को पहुंचाने वाली एजेंसी को कई दिन पहले शव सौंप दिया गया था। इसके बाद शव बीती रात फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा था। इसके बाद सोमवार को एम्बुलेंस से बेटे के शव को गांव लाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार जनों ने बताया कि मृतक नवजोत अपने पिता शेर सिंह का इकलौता बेटा था।
शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के नेतवास गांव में रहने वाला 23 वर्षीय नवजोत ढिल्लों अपने घर से दो महीने पहले अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में बीबीए की पढ़ाई करने गया था। उसे तीन साल विदेश में गुजारने थे। इसी सिलसिले में नवजोत 16 नवंबर को कैलिफोर्निया से अपने कुछ साथियों के साथ फ्लाइट से ब्राजील के लिए रवाना हुआ था।
इस दौरान रेस्ट के लिए करीब आठ घंटे इथोपिया में रुका। यहां नवजोत सिंह ने चंडीगढ़ के रहने वाले दोस्त अर्जुन के साथ रेस्टोरेंट पर कुछ खाया था। यहां से ब्राजील रवाना हुए और साओ पाउलो पहुंचे। यहां उसकी और अर्जुन की तबीयत बिगड़ गई थी। 18 नवंबर को उसे ठंड लगकर बुखार आया। इसके बाद उसे साओ पाउलो के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 24 नवंबर की सुबह चार बजे नवजोत ने दम तोड़ दिया था।
उसके बाद से मृत छात्र के शव को शिवपुरी लाने को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों और किसी भी जन प्रतिनिधि ने परिवार की कोई मदद नहीं की। नवजोत की मौत के बाद परिजनों ने उसके शव को भारत लाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। उनके द्वारा प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई मदद नहीं मिल सकी, जिससे छात्र का शव जल्द से जल्द वापस आ सके। छात्र की मौत के बाद कछुआ चाल से कागजी प्रक्रिया को जैसे-तैसे पूरा किया गया।