शिवपुरी जिले में भारतीय रिजर्व बैंक, लीड बैंक और मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2025 के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, साइबर सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन के बारे में जागरूक बनाना था, ताकि वे आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
प्रशिक्षण शिविर में मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला समूहों को साइबर फ्रॉड की रोकथाम, बैंक लेनदेन के सुरक्षित तरीके, बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन में सतर्कता बरतने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वर्तमान में बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को अनचाहे फोन कॉल्स से सावधान रहने, ओटीपी (OTP), बैंक खातों की जानकारी और पिन कोड जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां किसी के साथ साझा न करने की हिदायत दी गई।
लीड बैंक ऑफिसर संजय जैन ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को साइबर सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल के गुर भी सिखाए गए। उन्होंने महिलाओं को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूक किया और बताया कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और हमेशा बैंक के आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रबंधक माइक्रो फाइनेंस राजा बाबू गुप्ता ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि किस तरह से बैंकिंग सुविधाओं का सही उपयोग कर महिलाएं अपने स्वरोजगार और लघु उद्योगों को बढ़ावा दे सकती हैं।
विकासखंड सहायक प्रबंधक समर्थ भारद्वाज ने महिलाओं को बचत खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, ऋण योजनाओं और सरकारी वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी, ताकि वे अपने आर्थिक प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बना सकें।
साइबर सुरक्षा के उपायों पर जोर
शिविर में महिलाओं को साइबर सुरक्षा के अंतर्गत फिशिंग, वायरस अटैक, और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय बताए गए। उन्हें समझाया गया कि अनचाहे फोन कॉल्स, ईमेल या मैसेज के जरिए मांगी जाने वाली बैंक डिटेल्स को कभी भी साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत बैंक अधिकारी से संपर्क करें। इस शिविर ने ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय साक्षरता के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया, जिससे वे अपने आर्थिक लेनदेन को सुरक्षित और सशक्त बना सकें। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।