शिवपुरी के मायापुर थाना अंतर्गत सात दिन पहले सड़क पर घायल अवस्था में मिले राजाराम जाटव की मौत के बाद उनके परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। मायापुर थाने के बाहर सोमवार को सड़क पर शव रखकर परिजनों ने प्रदर्शन करते हुए इस मामले में हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
परिजनों का आरोप था कि कुछ लोगों ने प्राणघातक हमला करके युवक को घायल किया और बाद में सड़क पर फेंक दिया। इस मामले में मामला दर्ज करने को लेकर परिवारजनों ने प्रदर्शन किया। वहीं, दूसरी ओर मायापुर थाना प्रभारी नीतू धाकड़ का कहना है कि मामले में मृतक का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद युवक की मौत का असल कारण पता लग सकेगा, इसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
झांसी में इलाज के दौरान मौत...
मृतक के परिजनों ने मायापुर थाने के बाहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया गया। बताया जा रहा है कि घटना सात दिन पहले की है। जहां अहर बानपुर के रहने वाले 40 साल के राजाराम जाटव घायल अवस्था में अहर बानपुर गांव के पास मायापुर-खनियाधाना रोड पर रात्रि में मिला था। मौके पर पहुंची डायल हंड्रेड में एक्सीडेंट की संभावना जताई थी। परिजन घायल राजाराम जाटव को उपचार के लिए झांसी के अस्पताल ले गए थे। लेकिन रविवार की शाम राजाराम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
राजाराम जाटव के शव का सोमवार को पिछोर में पोस्टमार्टम कराया गया था। लेकिन परिजन पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव को मायापुर थाने ले पहुंचे और थाने के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। कुछ देर बाद पुलिस की समझाइश के बाद परिजन माने और शव का अंतिम संस्कार करने अपने गांव ले गए। परिजनों का आरोप था कि राजाराम जाटव की हत्या कर गांव के ही एक जाटव परिवार के कुछ लोगों ने उसके शव को सड़क पर फेंक दिया। परिजन काफी देर तक शव को सड़क पर रखकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करते रहे।