शिवपुरी के ग्राम बमरा निवासी मांगीलाल शर्मा ने जनसुनवाई में शिकायत कर कहा कि वह जीवित है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कलेक्टर से दस्तावेजों में उन्हें फिर से जीवित करने की मांग की।
शिवपुरी जिले की पोहरी जनपद के ग्राम बमरा निवासी एक ग्रामीण ने जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष पहुंचकर बताया कि वह जीवित है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया है। ग्रामीण का आरोप है कि यह सब ग्राम पंचायत सचिव की गलती से हुआ है। उसने कलेक्टर से अनुरोध किया कि उसे सरकारी दस्तावेजों में पुनः जीवित दर्ज किया जाए, ताकि वह विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले सके।
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तब चला पता कि वह मर चुका है
शिकायत करने आए मांगीलाल के बेटे गिर्राज शर्मा ने बताया कि जब वे अपने पिता की केवाईसी कराने के लिए समग्र आईडी निकालने गए, तो उसमें मांगीलाल को मृत दर्शाया गया। मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में मांगीलाल शर्मा ने अधिकारियों से निवेदन किया कि उन्हें जीवित माना जाए। उन्होंने बताया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और रोज खेतों में काम करते हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है।
ग्राम पंचायत सचिव पर लगाए आरोप
जनसुनवाई में मांगीलाल शर्मा ने बताया कि 6 जनवरी 2025 को ग्राम पंचायत सचिव ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके चलते उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया कि उन्हें सरकारी दस्तावेजों में पुनः जीवित दर्शाया जाए।