शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क के लिए तीसरी बाघिन बीती रात पन्ना टाइगर रिजर्व से रवाना हो गई। मंगलवार सुबह माधव नेशनल पार्क में पहुंच गई। 10 मार्च को तीन बाघ माधव नेशनल पार्क में छोड़ने थे। पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघिन निकल भागी थी। इसके चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सिर्फ एक बाघ और एक बाघिन को ही जंगल में छोड़ सके थे।
पन्ना टाइगर रिजर्व के सीसीएफ बृजेन्द्र झा ने बताया वर्ष 2009 में पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या कम हो गई थी। आज रिजर्व में 50 से अधिक बाघ हो चुके हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व की राजकुमारी के नाम से पहचान रखने वाली बाघिन पी141 (12) को शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में भेजा गया है। हालांकि, राजकुमारी उसका नाम नहीं है। दो साल की यह बाघिन पर्यटकों को लुभाने में सबसे आगे रही है। यह बाघिन पन्ना नेशनल पार्क में पर्यटकों के सामने जरा भी डरती नहीं है। न ही पर्यटकों को डराती है। इस राजकुमारी को रानी बनाने के लिए शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क भेजा गया है। यहां यह बाघिन अपने वंश का विस्तार करेगी। माधव नेशनल पार्क के सीसीएफ उत्तम शर्मा का कहना है कि बाघिन शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में मंगलवार सुबह पहुंच गई है। उसे बाड़े में कब छोड़ा जाएगा, इस पर जल्द ही फैसला होगा।