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MP News: चुनाव से पहले वैश्य समाज हुआ मुखर, कहा- हम उस दल को समर्थन देंगे जो हमें बराबर का प्रतिनिधित्व देगा

Mon, 18 Sep 2023 09:24 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी में वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने मांग रखी है कि उन्हें भी आगामी विधानसभा चुनाव में बराबर की हिस्सेदारी मिलना चाहिए। जो दल ऐसा करेगा, वो उसी के साथ रहेंगे।
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शिवपुरी वैश्य महासम्मेलन ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न समाजों के लोग एकजुट होने लगे हैं। इसी क्रम में शिवपुरी में वैश्य समाज के पदाधिकारियों ने मांग रखी है कि उन्हें भी आगामी विधानसभा चुनाव में बराबर की हिस्सेदारी मिलना चाहिए। वैश्य महासम्मेलन मप्र के पदाधिकारियों ने शिवपुरी में एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपनी मांग रखी। 
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शिवपुरी के होटल नक्षत्र में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में वैश्य महासम्मेलन मध्यप्रदेश इकाई के प्रदेश महामंत्री भरत अग्रवाल ने बताया कि वे उस राजनीतिक दल के प्रत्याशी का समर्थन करेंगे, जो वैश्यों के हितों का संरक्षण, संवर्धन व उनकी सुरक्षा का वचन देगा। पदाधिकारियों ने मांग रखते हुए कहा कि ने वैश्य महासम्मेलन मध्यप्रदेश की प्रादेशिक कार्य समिति की बैठक इंदौर में आयोजित की गई थी, जिसमें एक राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया है। इस राजनीतिक प्रस्ताव के अनुसार वैश्यों को राजनीति में बराबर का प्रतिनिधित्व देना चाहिए। समाज के इन पदाधिकारियों ने बताया कि मप्र में वैश्य काफी संख्या में हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारी ने कहा कि यदि उन्हें राजनीतिक दलों ने बराबर का प्रतिनिधित्व नहीं दिया तो वे अपने हिसाब से निर्णय लेंगे। इसके अलावा बताया गया कि आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक मतदान को लेकर के जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। दो अक्टूबर को वैश्य चेतना रैली का आयोजन किया जाएगा। अक्टूबर माह में गरवा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की बढ़ा दीं मुश्किलें
वैश्य समाज के लोगों  को टिकट और बराबर का प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग करने पर अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मध्यप्रदेश में देखा जाए तो शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में वैश्य मतदाता हैं और यदि वैश्य समाज के लोग नाराज होते हैं तो दोनों ही दल परेशानी में आ सकते हैं। 
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