पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य बीजेपी नेता
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ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में आने वाले पोहरी विधानसभा क्षेत्र में किरार जाति के वोटरों को साधने के लिए बीजेपी ने प्रचार करने के लिए रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतार दिया। पोहरी विधानसभा क्षेत्र के बैराड़ में बीजेपी प्रत्याशी भारत सिंह कुशवाहा के पक्ष में शिवराज सिंह चौहान ने यहां पर चुनावी सभा की। इस दौरान इस चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
इस मौके पर पूर्व सीएम शिवराज ने कहा कि कांग्रेस अगर सत्ता में आई तो विरासत टैक्स लगा देगी। आपके निधन के बाद 55 प्रतिशत संपत्ति सरकार के खाते में चली जाएगी। अब आप बताओ ऐसी कांग्रेस को जिताने से कोई फायदा है क्या? इस चुनावी सभा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने अपनी किरार जाति के वोटरों के अलावा आम जनता से बीजेपी को वोट देने की अपील की। इस मौके पर पूर्व सीएम चौहान ने लाड़ली योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर महीने बहनों के खाते में पैसा आ रहा है और भविष्य में भी आएगा।
किरार वोटरों की नाराजगी का डर
ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पोहरी विधानसभा क्षेत्र में करीब 50 हजार किरार वोटर हैं। इस विधानसभा क्षेत्र से इतने अधिक वोटों के कारण किरार जाति के वोटर होने के कारण पूर्व सीएम शिवराज सिंह को यहां पर बीजेपी रणनीतिकारों ने भेजा। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री पद से शिवराज सिंह चौहान को हटाए जाने से अंदरूनी तौर किरार वोटर नाराज हैं और लोकसभा में इनकी नाराजगी बीजेपी को यहां पर भारी पड़ सकती है। इस डैमेज कंट्रोल को रोकने के लिए बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को चुनाव प्रचार के लिए भेजा, जिससे इन वोटों को कटने से बचाया जा सके।
पोहरी विधानसभा क्षेत्र में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी बीजेपी ने यहां पर सिंधिया समर्थक किरार जाति के मंत्री सुरेश राठखेड़ा को मैदान में उतारा था। लेकिन इन मंत्री को लगभग 49 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा। जबकि कांग्रेस ने कुशवाह जाति के प्रत्याशी को मैदान में उतारा था। कुशवाहा जाति से कैलाश कुशवाहा कांग्रेस के टिकट पर मैदान में थे। त्रिकोणीय मुकाबले के दौरान सिंधिया समर्थक मंत्री को यहां पर बुरी हार का सामना करना पड़ा था।
कांग्रेस पर निशाना साधा
बैराड़ में सभा के दौरान पूर्व सीएम शिवराज ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बना सबको खुशी हुई, पूरा देश आनंदित था, सब प्रसन्न थे। लेकिन कांग्रेस प्रसन्न नहीं थी, वह सोच रही थी कि कैसे राम मंदिर बन गया। राम मंदिर बना और उसकी प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, जिसका निमंत्रण उनको दिया गया। लेकिन उन्होंने उसे निमंत्रण को भी ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इरादे बहुत खतरनाक हैं।