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MP Cabinet: शिवपुरी, गुना, अशोकनगर को इस बार नहीं मिला कोई मंत्री पद, 12 में से 8 सीटोंं पर जीती थी भाजपा

Mon, 25 Dec 2023 06:48 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

शिवपुरी, गुना, अशोकनगर जिले की 12 विधानसभा सीटें आती हैं, इनमें से शिवपुरी से पांच सीटें, गुना से चार सीटें, अशोकनगर से तीन विधानसभा सीट आती हैं। इनमें से आठ पर भाजपा को जीत मिली थी। इसके बावजूद यहां से कोई मंत्री नहीं बना है। 
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ज्योतिरादित्य सिंधिया - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शिवपुरी, गुना, अशोकनगर जिले में 12 विधानसभा सीटें आती हैं, इनमें से शिवपुरी से पांच सीटें, गुना से चार सीटें, अशोकनगर से तीन विधानसभा सीट आती हैं। इन तीन जिलों की 12 सीटों में से भाजपा आठ सीटें जीती हैं। इनमें से किसी भी विधायक को चुनाव जीतने के बाद मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई है।

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मायूस हुए भाजपा के विधायक
स्थानीय राजनीति के जानकारों का कहना है कि शिवपुरी, गुना, अशोकनगर जिले से पिछले कई सालों से लगातार कोई न कोई इस इलाके से मंत्री रहा है, लेकिन इस बार मोहन मंत्रिमंडल में इन तीनों जिलों से किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है। शिवपुरी जिले की बात करें तो वर्ष 2005 से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया लगातार यहां से मंत्री रहीं। इसके अलावा वर्ष 2020 में मप्र में दलबदल के बाद हुए सत्ता परिवर्तन में पोहरी विधानसभा क्षेत्र से सिंधिया समर्थक विधायक सुरेश राठखेड़ा कांग्रेस छोड़कर जब भाजपा में आए तो उन्हें पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री बनाया गया था। इस तरह से शिवपुरी जिले से दो मंत्री शिवराज सरकार में रहे। इसके अलावा गुना से महेंद्र सिंह सिसोदिया और अशोकनगर से बृजेंद्र प्रताप सिंह मंत्रिमंडल में रहे लेकिन इस बार किसी भी विधायक को मंत्रिमंडल में शिवपुरी, गुना, अशोकनगर से जगह नहीं दी गई है। अब जगह नहीं मिलने के बाद जीतकर आए नवनिर्वाचित विधायक मायूस हैं।



ग्वालियर-चंबल से कम प्रतिनिधित्व 
इस बार मोहन मंत्रिमंडल में ग्वालियर-चंबल से प्रतिनिधित्व घटा है। शिवराज सिंह चौहान सरकार में ग्वालियर-चंबल संभाग से नौ मंत्री थे, जो घटकर चार रह गई है। गुना, शिवपुरी, अशोकनगर जिले में देखा जाए तो यहां पर दो विधायक मंत्री पद की दौड़ में थे, लेकिन इन्हें जगह नहीं दी गई। इनमें अशोकनगर से जिले के मुंगावली के बृजेंद्र प्रताप सिंह और शिवपुरी जिले से कोलारस से महेंद्र यादव को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की आशा थी, लेकिन निराशा हाथ लगी है।
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हाईकमान के हाथ में रही पॉवर
सोमवार को मध्य प्रदेश में जो मंत्रिमंडल विस्तार हुआ है उसमें दिल्ली से पार्टी आलाकमान ने ही अपने निर्णय अनुसार क्षेत्र बार विधायकों को मंत्री पद दिया है। किसी भी विशेष गुट को यहां पर ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। इस कारण ग्वालियर-चंबल संभाग को भी ज्यादा तवज्जो नहीं मिल पाई है। राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि केंद्र स्तर से ही भाजपा में सारे निर्णय लिए गए हैं। 

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