शिवपुरी जिले में गुरुवार को NH-46 पर एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। सेसई गांव के पास गुना से ग्वालियर जा रही सवारियों से भरी बस के पिछले हिस्से के दोनों पहिए अचानक निकल गए। पहिए निकलने के बाद बस कुछ दूरी तक सड़क पर घिसटती रही। इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन बस पलटे बिना रुक गई और सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
घटना सेसई गांव के पास हरिओम ढाबे के सामने की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गौरव टूर एंड ट्रेवल्स की बस गुना से सवारियां लेकर ग्वालियर की ओर जा रही थी। बस में करीब 20 यात्री सवार थे। सफर सामान्य चल रहा था, तभी अचानक बस के पिछले हिस्से के दोनों पहिए निकल गए। दोनों पहिए अलग होते ही बस का पिछला हिस्सा सड़क से टकराने लगा। चालक ने वाहन को संभालने का प्रयास किया, लेकिन बस कुछ मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। सड़क से बस की बॉडी के रगड़ खाने के कारण चिंगारियां निकलने लगीं। अचानक हुए घटनाक्रम को देखकर बस में बैठे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।
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कुछ दूरी तक आगे बढ़ने के बाद बस आखिरकार रुक गई। राहत की बात यह रही कि वाहन पलटा नहीं और किसी यात्री को चोट नहीं आई। हादसे के बाद यात्रियों में काफी देर तक दहशत का माहौल रहा। बस रुकने के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरे सवारी वाहन की मदद से आगे दूसरी बस तक पहुंचाया गया। दूसरी बस की व्यवस्था होने के बाद सभी यात्री ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। घटना के दौरान अगर बस अनियंत्रित होकर पलट जाती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि चालक द्वारा वाहन को संभाल लेने और बस के पलटे बिना रुक जाने से बड़ा हादसा टल गया।
घटना ने यात्री बसों के संचालन से पहले होने वाली तकनीकी जांच को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर पहियों और उनके फिटमेंट जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों की नियमित जांच कितनी प्रभावी तरीके से की जाती है, इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। यात्रियों से भरे वाहनों के लिए फिटनेस और तकनीकी सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में चलती बस के दोनों पिछले पहिए एक साथ निकलने की घटना यह सवाल जरूर खड़ा करती है कि सड़क पर उतरने से पहले वाहन की तकनीकी स्थिति की जांच किस स्तर तक की गई थी।