शिवपुरी में भाड़ा उधारी के रुपये वसूलने के लिए एक पिता ने अपने ही बेटे के अपहरण की झूठी कहानी रची और पुलिस में बेटे को अपहरण का केस दर्ज करा दिया। पुलिस जांच में मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पिता के खिलाफ गुमराह करने का केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार कुलदीप गुप्ता पुत्र रामजीलाल गुप्ता निवासी माधव नगर शिवपुरी, ने शनिवार सुबह लगभग 7:00 बजे कोतवाली में टीआई सुनील खेमरिया को बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। कुलदीप गुप्ता ने थाना प्रभारी को बताया कि उनका 3 साल का बेटा वंश रात से लापता है। रातभर आस पास खोजने के बाद भी बच्चा नहीं मिला इसलिए वह शिकायत दर्ज कराने आया है। मासूम के अपहरण की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। कुलदीप ने पुलिस को बताया कि उसे सुबह अपहरणकर्ता का फिरौती के लिए फोन आया था, बेटे की वापसी के लिए आरोपी ने 20 हजार रुपये की फिरौती मांगी है और बलारपुर के जंगल में बुलाया है। पुलिस ने तत्काल बच्चे के पिता से फोन नंबर लेकर छानबीन शुरू की। पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में ही अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश हो गया।
उधारी वसूलने रची अपहरण की झूठी कहानी
दरअसल कुलदीप गुप्ता को लुधावली निवासी राजेन्द्र यादव उर्फ राजू से टमाटर भाड़े के 6 हजार रुपये लेने थे, राजू कुलदीप को राशि को देने के लिए तैयार नहीं था, भाड़े के पैसे वसूलने के उद्देश्य से कुलदीप ने अपने ही पुत्र के अपहरण की साजिश रची थी।
पुलिस पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि वह किराये पर पिकअप वाहन चलाता है। चार महीने पहले उसने राजेन्द्र यादव उर्फ राजू के टमाटर भरकर वाहन से मथुरा भेजे थे, जिसके भाड़े के 6 हजार रुपये राजू नहीं दे रहा था। कुलदीप ने भाड़े के पैसे वसूलने के लिए अपने बेटे के अपहरण की झूठी कहानी रची थी।
ऐसे हुआ खुलासा
कुलदीप गुप्ता ने राजेन्द्र यादव उर्फ राजू से रुपये वसूलने के लिए शनिवार सुबह अपने तीन साल के बेटे को राजू के घर छोड़ दिया और वहां से वापस आकर सीधा कोतवाली पहुंचा और अपने बेटे के अपहरण की शिकायत टीआई से की। इसी दौरान राजू कुलदीप के बेटे को उसके घर छोड़कर थाने पहुंचा, जहां उसने पुलिस को सारी बात बताई। इस तरह कुलदीप गुप्ता की झूठी अपहरण की कहानी का पर्दाफाश हो गया। इस मामले में अब पुलिस कुलदीप पर कार्रवाई कर रही है।