कूनो नेशनल पार्क में अपने बच्चों के साथ मादा चीता गामिनी।
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कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता गामिनी और उसके चार शावकों को जंगल में छोड़ दिया गया। गामिनी और उसके शावकों के जंगल में जाने के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में कुल 26 चीते हो गए हैं, जिनमें 14 शावक भारतीय धरती पर जन्मे हैं। अब पार्क में स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाले चीतों की संख्या 17 हो गई है, जबकि 9 चीते अभी भी बाड़ों में रह रहे हैं। इससे पहले, 21 फरवरी 2024 को मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावकों को जंगल में छोड़ा गया था।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को कूनो नेशनल पार्क में छोड़कर अंतरमहाद्वीपीय चीता पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत की थी। इसके बाद, फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए थे।
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खाजुरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया गामिनी और उसके शावकों को
अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गामिनी और उसके 12 माह के चार शावकों (दो नर और दो मादा) को श्योपुर जिले के खाजुरी वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। यह क्षेत्र अहेरा टूरिज्म ज़ोन का हिस्सा है, जिससे अब पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान चीतों को देखने का मौका मिल सकता है।
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वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या से पर्यटकों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गामिनी के पहले शावकों की जानकारी
गामिनी ने 10 मार्च 2024 को अपने पहले लिटर में छह शावकों को जन्म दिया था, लेकिन बाद में दो शावकों की मृत्यु हो गई थी।