कूनो में गूंजी किलकारी, चार नए शावकों का जन्म
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भारत में प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के एक दिन बाद कूनो नेशनल पार्क से एक और खुशखबरी सामने आई है। भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने कूनो में चार शावकों को जन्म दिया है। इस खबर के बाद प्रोजेक्ट चीता से जुड़े अधिकारियों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है।
चार साल की यात्रा के बाद एक साथ चार नए शावकों का जन्म भारत में चीता संरक्षण के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। यह प्रोजेक्ट के तहत भारत में चीतों की आबादी बढ़ाने और उनके संरक्षण की दिशा में एक और सकारात्मक संकेत है।
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चार साल, चार नई जिंदगियां
KGP12 के चार शावकों को प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में उम्मीद और सफलता के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि शावकों को जन्म देने वाली मादा चीता भारत में ही पैदा हुई है। इससे कूनो में चीता आबादी के प्राकृतिक रूप से बढ़ने की उम्मीदों को भी बल मिला है। प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के अगले दिन सामने आई इस खबर को कूनो और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े लोगों के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रोजेक्ट चीता परिवार की ओर से इस उपलब्धि पर कूनो और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पूरे दल को बधाई दी गई है। चार नए शावकों के जन्म को भारत में चीता संरक्षण की यात्रा में उम्मीद, मजबूती और आगे बढ़ते प्रयासों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।