शाजापुर में लगातार तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं, रविवार देर शाम मूसलाधार बारिश हुई। जो करीब तीन घंटे जारी रही और बीती रात में हुई एक बार फिर मूसलाधार बारिश ने शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। रविवार देर रात को तीन घंटे हुई जोरदार बारिश के चलते घरों और दुकानों में जलभराव हो गया।
वहीं, शहर की सड़कों पर भी दो से तीन फीट पानी भर गया, जिस कारण सड़कों पर खड़े वाहन भी डूब गए। स्थानीय रहवासियों को अपने दो पहिया और चार पहिया वाहनों को पानी में से निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शहर में जलभराव की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ऋतु बाफना और एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ जलभराव वाली जगहों का निरीक्षण किया।
वहीं, शहर के बीच से निकली चिल्लर नदी भी उफान पर आ गई और आसपास के रहवासी इलाकों में नदी का पानी धीरे-धीरे भरने लगा, जिससे कुम्हार वाड़ा, धान मंडी, महूपुरा, ओंकारेश्वर महादेव मंदिर, मां राजेश्वरी मंदिर के पीछे की बस्तियों में पानी रफ्तार से बढ़ गया, जिससे लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। इसको देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पुलिस जवानों के साथ-साथ एसडीआरएफ की टीम को लगाया है।
अगर रहवासियों की बात की जाए तो वह इस जलभराव के कारण खासा परेशान दिखाई दिए। उनके घरों में उनका सामान तैरता हुआ दिखाई दिया। वहीं, छोटे बच्चों को परिजन अपनी गोद में लेकर इस आपदा को देखते हुए नजर आए। वहीं, छोटे-छोटे बच्चे अपने घरों में घुसे पानी से खेलते हुए दिखाई दिए। साथ ही लोगों ने मीडिया से अपनी समस्या साझा भी की है। वहीं, दो दिनों से हो रही बारिश के कारण जिला मुख्यालय का आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्र से संपर्क टूट चुका है। कई नदी नाले उफान पर आ चुके हैं। जहां पर प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से अपने जवान खड़े किए हैं। वहीं, प्रशासन द्वारा जिले का सतत भ्रमण कर अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है।