गांव में लोगों से चर्चा करती प्रशासन की टीम
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शाजापुर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम बावलिया खेड़ी में 23 जुलाई को दो पक्षों में विवाद हुआ था। जिसमें दबंगों द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग की छात्रा को स्कूल जाने से रोकने के आरोप लगे थे। मामले में प्रशासन ने जांच कराई जिसमें यह आरोप झूठे निकले हैं और असली विवाद अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों द्वारा कुए- कुंडी के रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को लेकर होना सामने आया है।
मामले में शुक्रवार को जिला प्रशासन ने जनसंपर्क विभाग के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। जिसमें बताया गया है कि ग्राम बावलिया खेड़ी में सामने आए विवाद के मामले में राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की। जिसमें कुएं और कुंडी के रास्ते की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विवाद होने की बात सामने आई। ग्राम की कई बालिकाएं पढ़ाई के लिए दूसरे गांव जाती हैं और उन्हें किसी तरह की कोई रोक-टोक नहीं है। ग्रामीणों ने भी अधिकारियों के समक्ष यह बात स्वीकारी है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती शैली कनाश ने बताया कि उक्त के संबंध में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास तथा जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर का जांच दल गठित किया गया था। जांच दल के प्रतिवेदन अनुसार प्राथमिक विद्यालय बावलियाखेड़ी जो कि पांचवीं तक संचालित है, उक्त विद्यालय में से गत कई वर्षों से 2 से 5 बालिकाएं कक्षा 5वीं उत्तीर्ण करने के उपरांत आगामी पढ़ाई के लिए निकटस्थ एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय सतगांव में अध्ययन करने जाती हैं। कक्षा 6टी में पढ़ने वाली विभिन्न समुदायों की 16 बालिकाएं अध्ययन हेतु जाती हैं।
कनाश ने बताया कि संबंधित बालिका कक्षा 12वीं उ.मा.वि. सतगांव में अध्ययन कर रही हैं। उक्त बालिका के साथ अन्य समाज की बालिकाएं भी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सतगांव में अध्ययन कर रही हैं। एक पिछड़ा वर्ग समाज की बालिका इसी वर्ष 12 वीं उत्तीर्ण हुई है। जांच प्रतिवेदन में यह तथ्य स्पष्ट है कि किसी प्रकार से वर्ग भेदभाव के बिना बालिकाएं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सतगांव में अध्ययन कर रही हैं व इस संबंध में पालकों द्वारा बताया गया कि उनकी बालिकाओं को अध्ययन किए जाने में कोई व्यवधान नहीं है।