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Shajapur: जयस ने मणिपुर की घटना के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन, आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की

Wed, 26 Jul 2023 07:41 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर

सार

मणिपुर में तीन महिलाओं के साथ गैंगरेप कर उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले ने अब शाजापुर जिला मुख्यालय में तूल पकड़ लिया है। आदिवासी संगठन के युवाओं ने शहर में एक वाहन रैली निकालकर अपना विरोध जताते हुए मणिपुर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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पंचायत सीईओ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मणिपुर की घटना का विरोध अब देश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है। मंगलवार को शाजापुर जिला मुख्यालय पर (जयस) जय आदिवासी युवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में हंगामे के बाद जिला पंचायत सीईओ को राष्ट्रपति के नाम कार्रवाई को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। मणिपुर में तीन महिलाओं के साथ गैंगरेप कर उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले ने अब शाजापुर जिला मुख्यालय में तूल पकड़ लिया है। आदिवासी संगठन के युवाओं ने शहर में एक वाहन रैली निकालकर अपना विरोध जताते हुए मणिपुर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, वाहन रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां जयस के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन देने की बात रखी, जिसके बाद उन्हें समझाने के लिए एसडीएम एवं तहसीलदार पहुंचे, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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लोगों से बात करने के लिए जिला पंचायत सीईओ इनके बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया कुछ देर बाद सभी कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने कार्रवाई को लेकर एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम जिला पंचायत सीईओ को सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि जिन लोगों ने मणिपुर में आदिवासी समाज की महिलाओं के साथ कुकर्म किया और उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाया है उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्हें फांसी पर लटकाया जाए। साथ ही उन्होंने अपने ज्ञापन में मांग की है कि मणिपुर की सरकार विफल साबित हुई है इसलिए उस सरकार को गिरा कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। इन मांगों को लेकर उन्होंने एक ज्ञापन सौंपा और प्रशासन को चेतावनी दी है कि मणिपुर मामले को लेकर वह भारत बंद का आह्वान कर रहे हैं, अगर जिले में किसी ने उनका समर्थन नहीं किया और अपने प्रतिष्ठान खोले तो वहां पर तोड़फोड़ भी हो सकती है, जिसकी जवाबदारी जिला प्रशासन की रहेगी।
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