शुजालपुर के जेएनएस महाविद्यालय के पास से सुबह 10 बजे चल समारोह प्रारंभ हुआ। जो कृषि उपज मंडी प्रांगण 3 में पहुंचा, यहां समाजजन को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज विशेष शुभ दिन है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शपथ समारोह है।
वहां आयोजन में शामिल होने के लिए समय पर पहुंचने के लिए मुझे समय से रवाना होना है, इसलिए समय का अभाव है मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप सूर्य की तरह अपने जीवन को आलोकित करते हुए आदर्श छोड़ गए हैं। उन्हें जितना जानना चाहो उतना कम है, जितना पढ़ो, उतना कम है।
उन्होंने जीते जी, खुद को आदर्श बनाया। मुगलों के आतंक औरआक्रमण के बाद भी उन्हें भले जंगल में जाकर घास के रोटी खाना पड़ी, लेकिन महाराणा प्रताप ने स्वाभिमान और देश की स्वतंत्रता के साथ कोई समझौता नहीं किया भामाशाह ने अपना पूरा खजाना महाराणा प्रताप को समर्पित किया था, ताकि वह देश की रक्षा कर सके। वन क्षेत्र में रहने वाले समुदायों के लिए भी आदर्श के केंद्र रहे।
महाराणा प्रताप को कांग्रेस के समय में शिक्षा से निकाल कर अलग कर दिया गया था, लेकिन अब नई शिक्षा नीति में दोबारा महाराणा प्रताप के शौर्य को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा मेवाडा राजपूत समाज की सभी मांगों को पूरा कराएंगे।