मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को शाजापुर जिले के कालापीपल पहुंचे। उन्होंने यहां किसानों से संवाद किया और पौधारोपण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मंच से घोषणा की कि यदि उनके विधानसभा क्षेत्र की लंबित सड़कों को स्वीकृति नहीं मिली तो वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सड़कों को मंजूरी मिल भी जाती है, तब भी निर्माण कार्य पूरा होने तक वे विधानसभा क्षेत्र की सीमा में जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे।
विधायक की इस घोषणा पर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव असहज नजर आए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विधायक की मांग पर 16 की बजाय 17 सड़कों को मंजूरी देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा, "विधायक जी को जूते-चप्पल त्यागने की जरूरत नहीं है। जूते-चप्पल हमें कांटों से बचाने और तेजी से चलने के लिए होते हैं। अपनी बात और शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। ऐसे काम कांग्रेसियों के लिए छोड़ दीजिए। सरकार अच्छे और सच्चे काम के लिए आपके साथ है।" उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा दिए गए मांग-पत्र को उन्होंने स्वीकार कर लिया है और सभी मांगों को मंजूरी दी जा रही है। विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लाने का प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को अभी और बड़ा झटका लगने वाला है। उन्होंने कहा, "हमारे देश में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून क्यों हों? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं। उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए 'एक देश, एक विधान, एक प्रधान और एक राष्ट्रगान' आवश्यक है।" उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लाने का प्रयास करेगी। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले भोपाल में भी मुख्यमंत्री ने कहा था कि मध्य प्रदेश में यूसीसी इसी महीने लागू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
किसानों, सिंचाई और विकास योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अनाज खरीदेगी। उन्होंने किसानों को पेप्सिको के नए प्लांट का लाभ उठाने और आलू उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी।
लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अभियान है, जिसके तहत अब तक 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राहियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने किसानों और सिंचाई व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे राजस्थान के 15 और मध्य प्रदेश के 13 जिलों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि शाजापुर जिले के 118 गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंच चुका है और शेष गांवों को भी जल्द इस योजना से जोड़ा जाएगा।
पौधों के वितरण में अव्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत पौधों का वितरण किया गया। हालांकि वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग पौधे लेने पहुंचे, लेकिन पर्याप्त प्रबंधन नहीं होने से भीड़ अनियंत्रित हो गई। इस दौरान कई पौधे टूट गए, जबकि कुछ सड़क पर बिखरे हुए दिखाई दिए।