दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा में सियासी हलचल तेज हो गई है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए टिकट की दौड़ में एक नए नाम ने एंट्री ली है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व से टिकट मांगा है। उनका यह कदम 13 साल बाद दतिया में उस किले को चुनौती है जिसे पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का गढ़ माना जाता है।
मुकेश मुड़ोतिया ने सिर्फ प्रदेश नेतृत्व को ही नहीं, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेताओं को पत्र लिखकर अपनी दावेदारी पेश की है। पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, बीएल संतोष, भूपेंद्र यादव के साथ ही CM डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भेजे गए हैं।
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पत्र में मुड़ोतिया ने खुद को चार दशक का समर्पित कार्यकर्ता बताया है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने 2000 से 2005 तक लगातार दो बार भाजयुमो जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई और यूपी व हरियाणा में प्रवासी सह प्रभारी रहकर पार्टी को जीत दिलाने में भूमिका निभाई। उनकी दावेदारी को प्रदेश के कई दिग्गजों का समर्थन मिला है। सूत्रों के अनुसार डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल, कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और विश्वास सारंग ने उनके नाम की पैरवी की है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन महासचिव अरुण सिंह ने भी उनके पक्ष में बात रखी है। फिलहाल मुकेश मुड़ोतिया दिल्ली में ही हैं और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की कोशिश में जुटे हैं।
इस दावेदारी की सबसे बड़ी वजह स्थानीय चेहरा वाला तर्क है। मुड़ोतिया ने पत्र में इशारों में कहा कि जिस नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है वह दतिया का स्थायी निवासी नहीं है। उन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए लिखा कि जब पूरे प्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला था, तब भी दतिया सीट हाथ से निकल गई थी। इसलिए अब पिछली गलतियों को नहीं दोहराया जाना चाहिए। मुड़ोतिया का तर्क है कि जमीनी कार्यकर्ता को मौका मिलेगा तो संगठन का मनोबल बढ़ेगा और जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा।
2008 से दतिया पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा का दबदबा रहा है। इस बार उपचुनाव में भी उनका नाम सबसे आगे चल रहा था। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा था कि टिकट लगभग तय है। लेकिन मुड़ोतिया के खुलकर मैदान में उतरने से समीकरण बदल गए हैं। पहली बार किसी स्थानीय भाजपा नेता ने इतने बड़े स्तर पर दावेदारी ठोकी है। इससे पार्टी के भीतर नई बहस छिड़ गई है - अनुभव बनाम सक्रियता, बाहरी बनाम स्थानीय।
उपचुनाव नजदीक है और भाजपा में नाम तय करने को लेकर मंथन जारी है। एक तरफ नरोत्तम मिश्रा का अनुभव और संगठनात्मक पकड़ है, दूसरी तरफ मुड़ोतिया युवा कार्यकर्ताओं और स्थानीय मुद्दों को आगे रख रहे हैं।
दतिया की जनता में इस बार विकास और पहुंच वाले मुद्दे प्रमुख हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि जो भी उम्मीदवार आए उसे क्षेत्र से सीधा जुड़ाव होना चाहिए। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक है। नरोत्तम मिश्रा के शुक्रवार को नामांकन भरने की संभावना है। वहीं मुड़ोतिया दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।