फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहडोल: कमिश्नर के दौरे के बाद भी नहीं सुधरे हालात, कलेक्टर से मिलने पैदल निकलीं एकलव्य विद्यालय की छात्राएं

Thu, 08 Oct 2026 11:03 AM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

जैतपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर पैदल शहडोल की तरफ रुख किया। अधिकारियों की समझाइश के बाद कई छात्र लौट गए, जबकि कइयों को बसों से शहडोल लाकर प्रभारी कलेक्टर से मिलवाया गया।
विज्ञापन
आधी रात तक बैठे अधिकारी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले में जैतपुर क्षेत्र के बिरौड़ी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं के पैदल शहडोल आने का मामला बुधवार देर रात तक चर्चा में रहा। अधिकारियों की समझाइश के बाद करीब दो सैकड़ा छात्रों में से कई छात्र शहडोल से लगभग 30 किलोमीटर पहले ही बस में बैठकर वापस लौट गए लेकिन करीब एक सैकड़ा छात्राएं पैदल मार्च करते हुए शहडोल की ओर बढ़ती रहीं। अधिकारियों के काफी समझाने के बाद उन्हें रास्ते में दो बसों से शहडोल लाया गया।

विज्ञापन


देर रात छात्राओं को जिला पंचायत कार्यालय ले जाया गया, जहां उन्होंने प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं। छात्राएं विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर नाराज नजर आईं। इस दौरान रात करीब 9:30 बजे तक अधिकारियों ने उनसे बातचीत की। हालांकि छात्राओं ने मीडिया के सामने अपनी समस्याओं के बारे में कुछ नहीं बताया। छात्र-छात्राओं के पैदल निकलने के दौरान उनका कहना था कि वे कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याएं बताना चाहते हैं। छात्रों की ओर से प्राचार्य की शिकायत करने की बात भी सामने आई थी। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से प्राचार्य के खिलाफ शिकायत का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।

ये भी पढ़ें: एमपी में प्रमोशन पर सरकार सख्त: सभी विभागों को डीपीसी कराने के निर्देश, देरी पर जीएडी ने तय की समय-सीमा
विज्ञापन


प्रभारी कलेक्टर शिवम प्रजापति ने बताया कि छात्राओं ने मुख्य रूप से भोजन की समस्या बताई है। पढ़ाई से संबंधित कुछ शंकाएं भी थीं, जिन्हें बातचीत के दौरान स्पष्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मैस की व्यवस्थाओं की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी।
विज्ञापन


कमिश्नर के निरीक्षण के बाद भी सवाल
खास बात यह है कि कुछ दिन पहले कमिश्नर ने इसी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से बातचीत की थी और उनकी समस्याएं जानी थीं। इसके बावजूद अचानक छात्र-छात्राओं का पैदल शहडोल के लिए निकलना कई सवाल खड़े कर रहा है। रास्ते में मौजूद ट्राइबल आनंद राय सिन्हा ने बताया कि उन्होंने बच्चों से समस्याओं के बारे में जानने का प्रयास किया लेकिन बच्चों ने कुछ नहीं बताया।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें