मुनाफे का झांसा देकर ठगे 1 करोड़ 93 लाख
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बैतूल बाजार पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार रोबोट्रेड एप्लीकेशन में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 1 करोड़ 93 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी देवकृष्ण साहू करीब डेढ़ साल से फरार था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मोटे मुनाफे का झांसा देकर की ठगी
पुलिस के मुताबिक गंज बैतूल निवासी कुलदीप राठौर ने 9 फरवरी 2025 को बैतूल बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मिलन राठौर, पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहू, योगेश साहू और देवकृष्ण साहू ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लीकेशन में निवेश करने और मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों के कहने पर उसने एप में करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये निवेश किए। बाद में जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। ठगी का अहसास होने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने मिलन राठौर, पंकज साहू और योगेश साहू को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया था। वहीं चौथा आरोपी देवकृष्ण साहू घटना के बाद से फरार था। पुलिस के अनुसार वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
साइबर सेल ने नागपुर में ट्रैक की लोकेशन
पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में आर्थिक और साइबर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बैतूल बाजार पुलिस ने साइबर सेल की मदद से फरार आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार साइबर सेल से आरोपी की लोकेशन नागपुर में ट्रैक हुई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम नागपुर पहुंची और घेराबंदी कर देवकृष्ण साहू को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को बैतूल लाकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने ऑनलाइन ठगी की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान एप्लीकेशन में पैसा निवेश न करें। किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।