ट्रक चालकों से बात कर जाम खुलवाने की चर्चा करते यातायात पुलिसकर्मी
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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून का चालक वर्ग विरोध कर रहा है। शहडोल में आज ट्रक एवं सभी बसों के पहिए थम गए हैं, शहडोल से कोई भी बस कहीं के लिए रवाना नहीं हुई है। चालकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया गया था। पुलिस व ट्रैफिक के अधिकारियों ने संगठन के प्रमुखों से बातचीत कर हाईवे से जाम खुलवाया।
साल के पहले दिन सोमवार की सुबह से ही चालकों द्वारा यह विरोध प्रदर्शन किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून को ट्रक एवं बस के चालकों ने काला कानून बताया। इसके विरोध में शहडोल के न्यू बस स्टैंड, बगिया तिराहा एवं रीवा मार्ग पर छतवई पर ट्रक चालकों ने ट्रक को हाईवे पर खड़ा कर जाम लगा दिया था। पुलिस टीम के साथ यातायात डीएसपी मौके पर पहुंचे और संगठन के प्रमुखों से बातचीत कर हाईवे पर खड़े ट्रकों को हटावाया गया और जाम खोला गया है।
कहां से भरेगा चालक इतना बड़ा जुर्माना
बस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष भागवत प्रसाद गौतम ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून के हिसाब से यदि किसी भी ट्रक या बस के चालक से हादसे में किसी की मौत होती है तो ट्रक चालक को अधिकतम सात लाख रुपये जुर्माना और दस साल की जेल होगी। इस कानून का हम सब विरोध करते हैं, चालक कहां से सात लाख रुपये का जुर्माना भरेगा। उन्हें महज थोड़ी सी वेतन मिलती है। इतने में वह अपने परिवार का गुजर बसर करते हैं। ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष जकरिया खान का कहना है कि वह चालक वर्ग का समर्थन कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून का विरोध करते हैं। अगर कोई हादसा होता है तो हिट एंड रन के तहत मुकदमा चलेगा और उस पर चालक वर्गों को जेल भी जाना पड़ेगा। इसी का विरोध कर चालक वर्ग का समर्थन कर रहे हैं।
अभी तीन दिन की हड़ताल
शहडोल जिले में एक हज़ार से अधिक ट्रक हैं, जिनमें से एक भी ट्रक नहीं चल रहे हैं। सभी के पहिए थम गए हैं। ट्रांसपोर्टिंग के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल में भी अब दिक्कत आ सकती है। वहीं शहडोल जिला में 400 बसें हैं, जिसमें से शहडोल के न्यू बस स्टैंड से प्रतिदिन 150 बस आना-जाना करती हैं। सोमवार को विरोध के बाद एक भी बस कहीं के लिए रवाना नहीं हुई है। भगवत प्रसाद गौतम जिला अध्यक्ष का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन अभी तीन दिनों का है, अगर चालक वर्गों की मांगें पूरी हो जाती हैं तो यह विरोध खत्म कर दिया जाएगा अन्यथा तीन दिनों बाद अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन चालक वर्ग करेगा।
ज्ञापन सौंपा
मोटर मजदूर यूनियन ने कलेक्टर को ज्ञापन सोंपा है। यह ज्ञापन गृह मंत्री के नाम लिखा गया है। इसमें चालकों के विरुद्ध जो काला कानून लाया गया है, उसमें सभी गाड़ी चालक विरोध करते हैं। इस कानून को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।