शहडोल जिले के छात्रावासों के संचालन में लापरवाही और शासकीय कार्यों में उदासीनता सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देश पर जनजातीय कार्य विभाग ने दो छात्रावास अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं दो अधीक्षकों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के साथ सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिंहा की ओर से जारी आदेश के अनुसार आदिवासी बालक छात्रावास आमडीह, जनपद पंचायत जयसिंहनगर के अधीक्षक प्रकाश सिंह को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के विपरीत आचरण करने का प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जयसिंहनगर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
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इसी तरह जनजातीय बालक आश्रम गजवाही के अधीक्षक बुद्धशेन सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जयसिंहनगर रहेगा। उन्हें भी नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
विभाग ने जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास चुहिरी के अधीक्षक मुंशी सिंह और जनजातीय बालक आश्रम बरदौहा के अधीक्षक अमर बहादुर सिंह की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की है। इसके अलावा जनजातीय सीनियर कन्या छात्रावास कर्मचारी शहडोल की किरण सिंह, जनजातीय उत्कृष्ट बालक छात्रावास गोहपारू के रामावतार सिंह, जनजातीय सीनियर कन्या छात्रावास शहडोल की प्रतिमा चौधरी, जनजाति कर्मचारी बालक छात्रावास के राकेश पटेल, जनजाति सीनियर बालक छात्रावास बुढ़वा के गणेश दत्त नामदेव, जनजाति सीनियर बालक छात्रावास बरमानिया की शारदा नापित और बालक क्रीड़ा परिषद शहडोल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।