शहडोल में पेट्रोल, डीजल, दूध, सब्जी और दवाई की किल्लत को देखते हुए डीएम वंदना वैद्य ने जिले में धारा-144 (1) लागू कर दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से जिले की संपूर्ण सीमा के भीतर लागू हो चुका है। जारी आदेश का उल्लंघन करने पर आरोपियों के खिलाफ धारा-188 के तहत कार्रवाई के आदेश जारी किए जा चुके हैं। लोक शांति भंग होने की स्थिति में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1990 के अन्तर्गत भी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम वंदना वैद्य ने जिले में पेट्रोल-डीजल वितरण करने में राशनिंग व्यवस्था को लागू किया है। इसके तहत एक वाहन को 24 घंटे में एक बार ही तय मात्रा में डीजल या पेट्रोल दिया जाएगा। बॉटल और डिब्बे में ईधन नहीं देंगे। डीएम के जारी आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश के समस्त वाहन चालक हड़ताल पर चले गए हैं, जिसमें डीजल, पेट्रोल टैंकरों तथा गैस एजेंसी के ट्रक के वाहन चालक भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर शामिल हैं। इससे जिले में अति आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में समस्या आ रही है। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जिले में धारा-144 (1) लागू किया गया है।
जिले तक नहीं पहुंच पा रहे वाहन
डीएम ने आदेश में कहा कि ऑयल डिपो भिटौनी, जबलपुर से और गैस डीलरों के वाहन शहडोल तक आने में अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो रही है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि मार्ग में जगह-जगह वाहन चालकों को रोकने व वाहन को क्षति पहुंचाने की घटनायें सामने आ रही हैं। अत: सुनिश्चित है कि लोक शांति भंग होने की पूर्ण संभावना है। जिले में अत्यावश्यक सेवा जैसे दूध, सब्जी, दवा, एम्बुलेंस आदि अन्य सामग्री भी जिले में पहुंचने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। अत: यह आवश्यक है कि ऑयल कम्पनियों के डिपो से पेट्रोल डीजल वाहन निर्बाध रूप से शहडोल जिले में प्रवेश करें। आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, सब्जी, दवा, एम्बुलेंस आदि का आवागमन निर्बाध गति से सुचारू रूप से हो।
डीएम वंदना वैद्य ने कहा कि जिले में धारा-144 (1) का सख्ती से पालन किया जाए। अति आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में जो भी आड़े आए उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। ईधन वितरण प्रणाली में यदि कोई पंप संचालक गड़बड़ी करता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाए।