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Shahdol: झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से पांच साल के बच्चे की मौत, उप स्वास्थ्य केंद्रों में नहीं रहते CHO

Mon, 23 Oct 2023 04:17 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

Shahdol News: शहडोल में झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्ची को सर्दी जुकाम हुआ था, जिसके इलाज के दौरान डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाया था और कुछ दवाइयां दी थी।
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झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से पांच साल के बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहडोल जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरीके से चरमरा गई है। झोलाछाप डॉक्टर के भरोसे ग्रामीण हैं, जिसकी वजह से पांच वर्षीय मासूम की गलत इलाज से मौत हो गई, नाराज परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से भी की है। सीधी थाना क्षेत्र के ग्राम जमुड़ी में बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी में बताया गया कि विजय साकेत की पांच वर्षीय बेटी तान्या साकेत को सर्दी, जुखाम व बुखार होने पर गांव के ही एक झोला छाप डॉक्टर से 20 अक्टूबर को इलाज कराया गया था। डॉक्टर ने बच्ची को दो इंजेक्शन व कुछ टेबलेट दिए थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इंजेक्शन लागने के कुछ ही देर बाद बच्ची की मौत हो गई। परिजन शिकायत करने  पुलिस के पास पहुंचे पुलिस ने मामले पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, तो वहीं परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

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CMHO के पैतृक गांव में भी झोलाछाप डॉक्टरों ने खोली दुकान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पैतृक गांव निपानिया में झोलाछाप डॉक्टर ने दुकान खोल रखी है। अस्पताल के ठीक सामने ही झोलाछाप डॉक्टर उप स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लगाकर ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं, जिसकी वजह से आए दिन कई लोगों की गलत इलाज से मौत हो रही है। कई बार इस मामले की खबरें प्रकाशित की गई, लेकिन सीएमएचओ के रिश्तेदार झोलाछाप डॉक्टर पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर सोहागपुर गढ़ी में एक झोलाछाप डॉक्टर कई बरसों से लोगों का इलाज कर रहा है। मामले की शिकायत स्थानीय लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी सीएमएचओ एवं वरिष्ठ अधिकारियों से की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जगह-जगह पर झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकान चला रहे हैं, लेकिन जबावदार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसकी वजह से पांच वर्षीय मासूम की गलत इलाज होने से मौत का मामला सामने आया है।

उप स्वास्थ्य केंद्र में लगा रहता है ताला
शासन ने उप स्वास्थ्य केन्दों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती की है, लेकिन हालात यह है कि मुख्यालय से लगे ग्राम चंपा, जमुई, छतवाई, धुरवार, नरवार, बरुका, सहित ग्रामीण अंचलों में संचालित उप स्वास्थ्य केंद्र में CHO नहीं पहुंचते। ANM के भरोसे ही उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। इसकी वजह से ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने से मजबूर हैं। गलत इलाज होने से लोगों की मौत हो रही है। अगर जिले में बैठे अधिकारी उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ CHO पर ध्यान दें और सही समय पर उप स्वास्थ्य केंद्र पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पहुंच कर ग्रामीणों का इलाज करें, तो ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के पास न पहुंचे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस पांडे ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से पांच वर्षीय मासूम की मौत का मामला सामने आया है। मामले पर जांच कराई जा रही है और रही बात उप स्वास्थ्य केंद्र में CHO नहीं रहते, जिस पर डीपीएम सहित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह है ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर उप स्वास्थ्य केन्दों की स्थिति लेकर जल्द से जल्द अवगत कराएं। 

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