शहडोल जिले से किडनैप किए गए नाबालिग को पुलिस ने गुजरात से दस्तयाब कर परिजनों के हवाले किया। इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में पुलिस अधीक्षक ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। आरोपी युवक गोहपारू थाना क्षेत्र में नल जल योजना का काम कर रहा था। उसी दौरान क्षेत्र की एक सत्रह साल की किशोरी से उसकी जान पहचान हुई, जब वह स्कूल जाने के लिए निकली तो नाबालिग को लेकर वह फरार हो गया था।
नाबालिग के परिजनों ने मामले की शिकायत 15 फरवरी को पुलिस से की थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला भी दर्ज किया था। लगातार पुलिस नाबालिग की तलाश कर रही थी, बाद में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल और गोहपारू पुलिस टीम गठित कर अपह्ता बालिका की पता तलाश की जा रही थी। पतासाजी के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा अपह्ता बालिका एवं संदेही आरोपी की दस्तयाबी और गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम उद्घोषित किया था।
आरोपी को पकड़ने गुजरात गई पुलिस...
गोहपारू पुलिस और साइबर सेल शहडोल से पुलिस टीम गठित कर अपह्ता की दस्तयाबी के लिए गुजरात भेजा गया। पुलिस टीम द्वारा अपह्ता की दस्तयाबी के लिए गुजरात के अहमदाबाद, बनासकंठा आदि जिलों में कई जगहों पर दबिश दी गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ग्राम रामपुरा थाना थराद जिला बनासकांठा गुजरात निवासी बोचिया धारशी भाई पिता रायमल भाई ने अपह्ता बालिका को अपने कब्जे में रखा है। पुलिस टीम द्वारा पते पर दबिश दी गई। आरोपी बोचिया धारशी भाई द्वारा नाबालिग को गांव की बस्ती में छिपा रखा था, जब वहां पुलिस पहुंची तो गांव वालों को इकट्ठा कर आरोपी पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया गया, जिसे शहडोल पुलिस टीम द्वारा दस्तयाब किया गया है।
अपह्त बालिका एवं आरोपी बोचिया धारशी भाई को पुलिस टीम द्वारा साथ लेकर थाना गोहपारू आकर अपह्ता बालिका को उसके माता पिता को सौंप दिया है। वहीं, आरोपी बोचिया धारशी को धारा-363, 366 क, 376(2)(N) और 5L/6 पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के निर्देश पर थाना प्रभारी उपनिरी सुभाष दुबे, सउनि भागचन्द, कनकलता दुबे, प्रभारी आरक्षक पुनीत मिश्रा, आरक्षक भगत सिंह, सतीश मिश्रा और सत्यप्रकाश मिश्रा (साइवर सेल) की सराहनीय भूमिका रही।