नागपुर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर सर्च करना शहडोल जिले के एक शासकीय शिक्षक को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने अपॉइंटमेंट बुक करने के नाम पर शिक्षक के व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी। शिक्षक ने जैसे ही फाइल डाउनलोड की, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने 21 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उनके बैंक खाते से 4 लाख 72 हजार 600 रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। मामले की शिकायत मिलने पर गोहपारू पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित रामनिवास जसवाल गोहपारू थाना क्षेत्र के एक शासकीय स्कूल में शिक्षक हैं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी और उन्हें चक्कर आने की शिकायत थी। बेहतर इलाज के लिए उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने का फैसला किया। अपॉइंटमेंट लेने के लिए उन्होंने गूगल पर अस्पताल का नंबर खोजा और मिले नंबर पर संपर्क किया।
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फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने शिक्षक को अपॉइंटमेंट बुक होने की जानकारी दी। इसके बाद उसी नंबर से उनके व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी गई। शिक्षक ने फाइल डाउनलोड कर ली, जिसके बाद उनका मोबाइल ठगों के निशाने पर आ गया। आरोपियों ने 24 घंटे के भीतर 21 ट्रांजैक्शन कर खाते में जमा लगभग पूरी रकम निकाल ली।
खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिलने पर शिक्षक ने अपने बेटे को घटना बताई। इसके बाद बेटे ने बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज कराया और साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। गोहपारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि पीड़ित शिक्षक ने थाने पहुंचकर शिकायत की है। अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
अनजान APK फाइल डाउनलोड न करें
थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि गूगल पर किसी अस्पताल या संस्थान का नंबर खोजते समय सतर्क रहें। अनजान नंबर से भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड न करें और किसी के साथ ओटीपी साझा न करें। साइबर ठग फर्जी नंबरों और संदिग्ध फाइलों के जरिए लोगों को निशाना बना सकते हैं।