शहडोल जिले में रेत माफियाओं के खिलाफ लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से बौखलाए माफिया अब पुलिस को फंसाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला खैरहा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई के बाद आरोपी ने पुलिसकर्मी को बदनाम करने की कोशिश की और बिना बताए उसके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए।
जानकारी के अनुसार, खैरहा थाना क्षेत्र के एक नाले से ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। मुखबिर से सूचना मिलने पर थाना प्रभारी उमा शंकर चतुर्वेदी के निर्देश पर टीम गठित कर प्रधान आरक्षक संतोष धुर्वे, आरक्षक सतीश चौरसिया और आरक्षक आलोक को मौके पर भेजा गया।
पुलिस टीम के पहुंचते ही ट्रैक्टर चालक विपिन द्विवेदी वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया और रेत से लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ खनिज अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर नोटिस देकर छोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान एक आरक्षक के फोन पर लगातार कॉल भी आते रहे, जिनमें कथित रूप से दूसरे थाने के एक पुलिसकर्मी द्वारा आरोपी को छोड़ने का दबाव बनाया गया, लेकिन खैरहा पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर लिया।
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मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी विपिन द्विवेदी ने थाने से बाहर निकलते ही कार्रवाई में शामिल आरक्षक के फोन-पे खाते में बिना जानकारी के 5 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरक्षक ने बताया कि उस समय वह थाने में ही मौजूद था और अचानक पैसे आने पर जांच करने पर पता चला कि राशि आरोपी के खाते से भेजी गई है।
थाना प्रभारी उमा शंकर चतुर्वेदी ने मंगलवार सुबह बताया कि आरक्षक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। प्रथम दृष्टया यह पुलिसकर्मी को फंसाने की साजिश लग रही है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी के खाते सहित अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।बताया जा रहा है कि आरोपी ने इस ट्रांजैक्शन को आधार बनाकर पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपी पर जिले के अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।