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Bhopal News: भोपाल में वायरल फतवे पर बवाल, कमेटी थाने पहुंची; अध्यक्ष बोले- शहर काजी को बदनाम करने की साजिश

Tue, 17 Mar 2026 03:27 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

भोपाल में शहर काजी से जुड़े फतवे के सोशल मीडिया पर वायरल होने से विवाद गहरा गया है। मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि इससे शहर काजी की छवि खराब करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। कमेटी ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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थाने पहुंची मुस्लिम त्योहार कमेटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक फतवे को लेकर राजधानी भोपाल में विवाद गहराता जा रहा है। मामले ने तूल पकड़ते ही ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी शाहजहांनाबाद थाने पहुंचे और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। कमेटी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर काजी के खिलाफ जारी किए गए फतवे को जानबूझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, ताकि उनकी छवि खराब हो और शहर का माहौल बिगाड़ा जा सके। उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश बताया।

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फतवे की पूरी कहानी क्या है
जानकारी के अनुसार, पीरगेट निवासी एक व्यक्ति ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता को आवेदन देकर शहर काजी से जुड़े एक मामले में फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च को दारुल इफ्ता की ओर से फतवा जारी किया गया, जिस पर शहर के तीन मुफ्तियों के हस्ताक्षर हैं।

निजी दस्तावेज को बनाया पब्लिक मुद्दा
कमेटी के अध्यक्ष समसुल हसन  का कहना है कि फतवा मूल रूप से एक निजी दस्तावेज होता है, जिसे केवल संबंधित व्यक्ति को दिया जाता है। लेकिन इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर सार्वजनिक मुद्दा बना दिया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
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ईद से पहले बढ़ी संवेदनशीलता
कमेटी ने कहा कि ईद का त्योहार बेहद नजदीक है और परंपरा के अनुसार शहर काजी ही ईदगाह में नमाज अदा कराते हैं। ऐसे समय में इस तरह का विवाद खड़ा होना समाज में तनाव और आक्रोश की स्थिति पैदा कर सकता है।

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साजिश के तहत माहौल बनाने का आरोप
कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह से फतवा वायरल किया गया है, उससे साफ लगता है कि कुछ लोग जानबूझकर शहर काजी के खिलाफ माहौल तैयार कर रहे हैं और उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। कमेटी ने पुलिस से मांग की है कि फतवा मांगने वाले, फतवा जारी करने वाले और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले तीनों की जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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पुलिस ने शुरू की जांच
शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी ने बताया कि कमेटी की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फतवा सोशल मीडिया पर किसने और किस मकसद से वायरल किया।ईद को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट है और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही तैयारियां की जा रही हैं, ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके।

वायरल फतवे में आखिर है क्या?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को यूरिन या प्रोस्टेट से जुड़ी ऐसी बीमारी हो, जिसमें पेशाब की बूंदें आने की समस्या रहती हो, तो क्या वह इमाम बनकर लोगों को नमाज पढ़ा सकता है। इसके जवाब में कहा गया कि ऐसी स्थिति में व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन वह इमाम बनकर दूसरों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।

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