शहडोल में शिवराज ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव होने में महज कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में प्रत्याशियों को वोट दिलाने और जनता को साधने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद जोर-शोर से प्रचार प्रसार में जुटे हैं। रविवार को सीएम शिवराज शहड़ोल जिले की ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। यहां शिवराज ने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि दोनों बेईमान है।
सीएम शिवराज ने भाजपा प्रत्याशी शरद कोल के समर्थन में ग्राम आमडीह में जनता से आशीर्वाद मांगा। इस दौरान चौहान एक चुनावी जनसभा को भी संबोधित किया। सीएम शिवराज को सुनने के लिए बड़ा जनसैलाब उमड़ा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुले मंच से दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि दोनों बेईमान हैं। यदि कांग्रेस की सरकार आई तो न योजना रहेगी न बहना, मेरे भांजे-भांजियों का भोजन छीनने की धमकी देने वालों शिवराज सिंह चौहान ऐसे लोगों को छोड़ेगा नहीं, ना जीने दूंगा, ना मरने दूंगा।
खुली चेतावनी
शिवराज ने कहा कि मैं कहीं सुन रहा था। कांग्रेस के एक नेता ने भाषण दिया कि लाडली बहनों, भांजे-भांजियों सुन लेना, अगर तुमने हमारा साथ नहीं दिया तो तुम्हारे घर का चूल्हा नहीं जलने दूंगा। तुमको भूखा मार देंगे। सुन लो दिग्विजय सिंह तुम्हारी ये पार्टी ये कह रही है। सुन लो कमलनाथ अगर दुश्मनी मुझसे है तो बदला मुझसे लेना। मैं तो इनकी आंखों में खटकता हूं। सपने में मामा दिखता है। मुझे कुछ भी कह लेना। अगर मेरी बहन, भांजे-भांजी पर उंगली उठी तो न तो जीने दूंगा, न मरने दूंगा। वो गति करूंगा कि कहीं का नहीं रहने दूंगा, छोड़ूंगा नहीं। ये मेरी जान हैं, ये मेरे प्राण हैं। इनके खिलाफ कुछ नहीं सुनूंगा।
भाजपा का फोकस कोल समाज पर
भारतीय जनता पार्टी ने शरद कोल पर दांव खेलकर एक बार फिर से बता दिया है कि उसका पूरा फोकस कोल समाज के वोटर्स पर ज्यादा है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस छोड़कर शरद कोल भाजपा में आए थे और भाजपा ने उन्हें तुरंत ही टिकट भी दे दिया था। उस समय शरद कोल वहां से 32,450 वोट से चुनाव जीतकर आए थे। ब्यौहारी विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो ये सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। हालांकि 2003 तक यह सीट जनरल वर्ग के लिए आरक्षित थी। इस विधानसभा सीट पर कोल, बैगा और गोंड़ समाज के वोटर्स की संख्या है. भले ही ये सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, लेकिन यहां सामान्य वर्ग का दबदबा भी बरकरार है।