वन विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में वन प्राणियों के तस्करी में बड़ा खुलासा भी हो सकता है। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ तब डॉग स्क्वायड की मदद ली गई तब जाकर मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने में वन विभाग को सफलता मिली। घटना स्थल की पड़ताल और गंध लेकर घटना स्थल से लगभग 200 मीटर दूर राजबहादुर पटेल तथा रामकेश पटेल एवं रामचरित पटेल के घर घुसकर चिन्हित किया गया।
संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ
डॉग जिमी के निशान देही का उक्त संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के दौरान राजबहादुर के खेत में कम करने वाले मजदूर ज्ञानशरण कोल को चिन्हित किया गया और ज्ञानशरण कोल के निशानदेही पर अन्य आरोपी को तलब कर पूछताछ किया गया। आरोपियों ने मृत भालू के शरीर से नाखून और दांत निकलकर रख लिया था।
घटनास्थल की शिनाख्त कराई गई
ओमप्रकाश से 3 नग नाखून, और रामचरित के पास से 2 नग दांत जब्त किया गया। इसके अलावा जीआई तार, टार्च, लाठी, टांगी आदि की जप्ती की गई। प्रकरण के आरोपी द्वारा घटनास्थल की शिनाख्त कराई गई। भालू के शिकार के लिए लकड़ी की खूंटी गाड़कर जीआई तार मे करंट फैलाया गया था। प्रकरण में आरोपी ओमप्रकाश पिता मारूकोल,रामचरित पिता रामकिशोर प्रजापति, हेमराज पिता संझई कोल, रामदास पिता धरमदास पटेल, बैसाखी पिता मइकू चौधरी, ज्ञानशरण पिता संझई कोल, राजबहादुर पिता रामशरण पटेल, सभी निवासी ग्राम कल्लेह थाना ब्यौहारी तहसील जयसिंहनगर को गिरफ्तार किया गया है।