जंगल सफारी के शौकीनों के लिए एक अहम खबर है। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया 30 जून के बाद मानसून सत्र के चलते तीन महीने के लिए बंद कर दिया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी जुलाई, अगस्त और सितंबर में कोर एरिया में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक रहेगी। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक पेंच की सैर नहीं की है, उनके पास जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए अब केवल 12 दिन का समय बचा है।
पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या
वन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में 1,71,686 भारतीय और 13,127 विदेशी पर्यटक पेंच पहुंचे। यह अब तक का सबसे रिकॉर्डतोड़ आंकड़ा है, जिससे इस टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कोर बंद, लेकिन रोमांच जारी रहेगा
हालांकि कोर एरिया बंद रहेगा, परंतु पर्यटकों के लिए रूखड़ बफर जोन में जंगल की खूबसूरती देखने का विकल्प खुला रहेगा। यहां स्थित नलनेर कैंपिंग साइट पर रात्रि विश्राम की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा 16 किलोमीटर लंबे जंगल ट्रेकिंग रूट पर पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठा सकेंगे।
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मानसून पर्यटन की योजनाएं
मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने मानसून सत्र में भी पेंच क्षेत्र को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाए रखने के लिए साइक्लिंग, हाफ मैराथन जैसे आयोजनों की योजना बनाई है। इन गतिविधियों से स्थानीय युवाओं और रिसॉर्ट संचालकों को रोजगार मिलने की संभावना है।
सख्त होगी जंगल सुरक्षा
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि कोर एरिया भले ही बंद हो रहा हो, लेकिन जंगल की सुरक्षा में कोई कमी नहीं आएगी। वन विभाग की टीमें सघन गश्त करेंगी और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
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जुगनी और बाजीराव बने आकर्षण
इस समय सफारी पर जाने वाले पर्यटकों को कोर एरिया में बाघिन जुगनी और उसके शावकों के दर्शन हो रहे हैं, जो इस क्षेत्र का मुख्य आकर्षण हैं। वहीं, बफर जोन में रूखड़ के ‘बाजीराव’ नामक नर बाघ और खवासा-तेलिया बफर में दिखने वाला दुर्लभ काला तेंदुआ भी पर्यटकों को खूब लुभा रहा है।
फिर अक्टूबर में खुलेगा कोर एरिया
कोर क्षेत्र की जंगल सफारी के लिए अब अगली बुकिंग अक्टूबर में ही शुरू होगी, जब मानसून समाप्त हो जाएगा और जंगल फिर से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। तब तक, पेंच घूमने की चाह रखने वालों के लिए यह अंतिम मौका है।