सीहोर में अजीबो-गरीब मामले में एक व्यक्ति अधिकारियों और कर्मचारियों को भावुक कहानियां सुनाकर ठगने का काम कर रहा था। पुलिस ने बेंगलुरु निवासी इस मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि ठग एक बार ठगे गए अधिकारी के पास दोबारा पहुंच गया, जिसके बाद उसकी पोल खुल गई।
मामला 20 जनवरी का है, जब कलेक्टर कार्यालय में ई-गवर्नेंस प्रबंधक गौरव बंसल के पास एक व्यक्ति मदद मांगने पहुंचा। उसने अपने पर्स चोरी होने और आर्थिक तंगी की झूठी कहानी सुनाई। हालांकि गौरव ने उसे तुरंत पहचान लिया। यह वही शख्स था जिसने करीब 6 साल पहले बड़वानी में पदस्थापना के दौरान उनसे पांच हजार रुपये ठगे थे। बंसल ने तुरंत कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी।
मिली जानकारी के अनुसार पकड़ा गया आरोपी सत्यनारायण होला, पिता सीता रमैया, बेंगलुरु का निवासी है। उसने खुद को आईआईटी ऑप्टिकल फाइबर प्रोजेक्ट का कर्मचारी बताकर अधिकारियों को ठगने का तरीका अपनाया। आरोपी सरकारी कार्यालयों में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी भावुक कहानियों में फंसा लेता था और पर्स चोरी, परिवार की तंगी या अन्य झूठे बहाने बनाकर मदद के नाम पर उनसे पैसे ऐंठता था।
पुलिस ने गौरव बंसल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी रविंद्र यादव के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर अन्य मामलों में भी पूछताछ शुरू कर दी है।