कोसमी में आदिवासी परिवारों के घर ढहाए जाने और फसलें नष्ट होने का मामला अब सियासी टकराव के केंद्र में है। गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस ने सवालों की बौछार कर दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने आरोप लगाया कि जब जमीन वन विकास निगम को देने से लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तक भाजपा शासन में हुई, तो अब धरने और मीडिया में बयान देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर इस्तीफा देने की मांग की।
बैट्समैन भी आप, बॉलर भी आप और अंपायर भी आप
राजीव गुजराती ने क्रिकेट की भाषा में शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा कि जमीन भी आपकी सरकार ने वन विकास निगम को दी, कार्रवाई भी आपके ही शासन में हुई और अब आप ही धरने पर बैठकर मीडिया में बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा यह तो ऐसा है कि बैट्समैन भी आप, बॉलर भी आप, खुद दौड़कर कीपिंग भी कर लें और अंपायर भी आप। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इसे जवाबदेही से बचने की राजनीति बताते हुए कहा कि अब केवल धरने पर बैठने, मीडिया बाइट देने या राजनीतिक बयानबाजी करने से काम नहीं चलेगा।
जमीन निगम को देने की जरूरत क्यों पड़ी?
गुजराती ने आरोप लगाया कि जिन जमीनों पर गरीब आदिवासी परिवार खेती कर अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे थे, उन्हीं जमीनों को भाजपा शासन के दौरान वन विभाग ने लीज पर वन विकास निगम को दिया था। उनके मुताबिक अब वन विकास निगम नियमों का हवाला देकर कार्रवाई को वैधानिक बता रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परिवार पहले से वहां खेती कर रहे थे, तो जमीन निगम को देने का फैसला क्यों किया गया? कांग्रेस नेता ने कहा कि पंचायत से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद गरीब परिवारों को इस स्थिति का सामना करना पड़ा है।
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बुधनी की बदहाली पर जवाबदेही कौन लेगा?
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने शिवराज सिंह चौहान के उस रुख पर भी सवाल उठाया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आदिवासी वोटों के संदर्भ में घेरा जा रहा है। गुजराती ने कहा कि शिवराज स्वयं करीब 18 साल तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और आज केंद्रीय मंत्री हैं। ऐसे में बुधनी क्षेत्र की समस्याओं से अपनी जिम्मेदारी अलग नहीं कर सकते।
उन्होंने रेलवे लाइन निर्माण के दौरान किसानों की फसलें प्रभावित होने, मुआवजे में कथित गड़बड़ी, बुधनी-गोपालपुर मार्ग की बदहाली, नगर पंचायतों में भ्रष्टाचार, नर्मदा में अवैध खनन और जंगलों से लकड़ी चोरी जैसे मुद्दे उठाते हुए शिवराज पर विफलता के आरोप लगाए।
भ्रष्ट अधिकारियों की सीडी सार्वजनिक करने की चुनौती
गुजराती ने शाहगंज थाने की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को चुनौती दी कि दिशा की बैठक में जिन कथित भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सीडी जारी करने की बात कही गई थी, उसे सार्वजनिक किया जाए। कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि समय रहते संबंधित साक्ष्य सामने लाए जाते तो अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिल सकती थी।
खुले आसमान के नीचे रात गुजारने का दावा
कोसमी में प्रभावित बारेला समाज के परिवारों की स्थिति पर चिंता जताते हुए गुजराती ने कहा कि घर टूटने के बाद महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित परिवारों को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी और उनके सामने भोजन तथा सिर पर छत का संकट खड़ा हो गया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा नेताओं की कथित अंदरूनी खींचतान का खामियाजा गरीब परिवारों को नहीं भुगतने दिया जाएगा। उन्होंने प्रभावितों को राहत और न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।