दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के समारोह में शामिल हुईं महिलाएं
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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीहोर की दो प्रतिभाएं दिल्ली में आयोजित समारोह में शरीक हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीहोर जिले के आष्टा विकासखंड के सिद्धीकगंज निवासी लखपति दीदी त्रिवेणी शर्मा तथा इछावर विकासखंड के ग्राम बिछौली निवासी ड्रोन दीदी संगीता मालवीय को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आमंत्रण पाकर दोनों दीदियां दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुईं।
सीहोर की लखपति दीदी
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बता दें कि आष्टा विकासखंड के सिद्धीकगंज की रहने वाली त्रिवेणी शर्मा आम ग्रामीण घरेलु महिला की तरह जीवन यापन कर रही थीं। उनके पति गणेश शर्मा की पान की दुकान थी, जिससे परिवार का गुजारा मुश्किल से होता था। त्रिवेणी अक्टूबर 2018 में शिवशंकर स्वसहायता समूह से जुड़ीं और अन्य सदस्यों की भांति 15 हजार रुपये की बचत स्वसहायता समूह में कर चुकी हैं। उन्होंने स्वसहायता समूह से ऋण लेकर जनरल स्टोर व डेयरी के संचालन से अपने काम की शुरुआत की। उन्होंने एक हजार रुपये से ऋण लेना शुरू किया और ऋण चुकाने के बाद पुन: 50 हजार रुपये का ऋण लिया और दूध डेयरी की शुरुआत की। त्रिवेणी बताती हैं कि पति की आमदनी को छोड़कर वे 10 हजार से 12 हजार रुपये तक कमा लेती हैं। इस तरह त्रिवेणी शर्मा लखपति दीदी बन गईं।
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सीहोर की ड्रोन दीदी
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ड्रोन दीदी संगीता मालवीय की कहानी
जिले के इछावर विकासखंड के ग्राम बिछौली निवासी ड्रोन दीदी संगीता मालवीय बताती हैं कि मैंने 25 हजार रुपये की बचत के साथ समूह से जुड़कर ऋण लेकर अपनी जरूरतें पूरी की और समय पर पैसा वपस करती रही। समूह मे मेरी सक्रियता को देखते हुए मुझे ग्राम संगठन में चुना गया। मैंने समूह से 6 हजार रुपये का ऋण लेकर तुलसी की खेती प्रारंभ की। इससे मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होने लगी। अब मेरी आमदनी एक लाख 20 हजार सालाना हो गई है। इसके साथ ही मैं यहां की फॉर्मल प्रोड्यूसर कंपनी की डायरेक्टर भी चुन ली गई हूं और विकासखंड में स्व सहायता समूह के माध्यम से मेरी अपनी एक पहचान बन गई है।
उन्होंने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रोन दीदी योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब ड्रोन उड़ाने का कार्य भी कर रही हूं। गत सात सालों के सफर में स्वयं की स्थिति सुधारने के साथ ही सैकड़ों महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयत्न किया और उन्हें विभिन्न गतिविधियों से जोड़ते हुए आज लखपति दीदी की श्रेणी में ला खड़ा किया है। उन्होंने बताया कि उनके स्व-सहायता समूह ने गत रबि उपार्जन में गेहूं उपार्जन का काम किया है।