सीहोर जिले में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और खतरनाक उपकरणों के निर्माण के खिलाफ पार्वती पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम मैना और अलीपुर में दबिश देकर पुलिस ने करीब 30 किलोग्राम पोटाश एवं सल्फर (गंधक) तथा 585 मोडिफाई गन (गजकुंडी) बरामद की हैं। जब्त सामग्री में 320 पूर्ण निर्मित और 265 अर्धनिर्मित गजकुंडी शामिल हैं। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इतनी बड़ी मात्रा में खतरनाक सामग्री मिलने से अवैध निर्माण और भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मैना और अलीपुर में कुछ लोग अपने मकानों और दुकानों में मोडिफाई गन (गजकुंडी) तथा इनके इस्तेमाल में आने वाली विस्फोटक सामग्री अवैध रूप से रखे हुए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीम ने ग्राम मैना और इंदौर नाका स्थित अलीपुर में संदिग्धों के मकानों एवं दुकानों की विधिवत तलाशी ली। इस दौरान निर्मित और अर्धनिर्मित गजकुंडी के साथ पोटाश और गंधक बरामद हुए। पुलिस ने मौके से समस्त सामग्री जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी की मात्रा को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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585 गजकुंडी की बरामदगी, कीमत करीब 1.75 लाख रुपये
कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 320 पूर्ण निर्मित और 265 अर्धनिर्मित गजकुंडी जब्त की हैं। इनकी कुल संख्या 585 बताई गई है। जब्त गजकुंडियों की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 75 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा करीब 30 किलोग्राम पोटाश एवं सल्फर भी बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सामग्री का निर्माण किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसके संभावित खरीदार कौन थे।
चार आरोपियों पर शिकंजा, पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने हकीम खां (50), निवासी ग्राम मैना; वाजिद खां (30), निवासी ग्राम मैना; अफजल (35), निवासी ग्राम मैना; और सलमान, निवासी बाबा कॉलोनी, अलीपुर, आष्टा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध थाना पार्वती में अपराध क्रमांक 381/26 एवं 383/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और 288, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4-बी एवं 9(ख) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
एसपी के निर्देशन में कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीहोर सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस का कहना है कि अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और गजकुंडी जैसे खतरनाक उपकरणों के निर्माण एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस की चेतावनी-खतरनाक उपकरणों से दूर रखें बच्चों को
एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने आगाह किया कि पोटाश, गंधक जैसे पदार्थों और गजकुंडी अथवा कार्बाइड गन का अवैध निर्माण, भंडारण, खरीद-बिक्री और उपयोग कानूनन दंडनीय हो सकता है। इनका इस्तेमाल गंभीर चोट, शारीरिक नुकसान और आंखों की रोशनी जाने जैसी घटनाओं का कारण बन सकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को ऐसे उपकरणों से दूर रखने की अपील की।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो पुलिस को दें सूचना
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आसपास कोई व्यक्ति अवैध विस्फोटक सामग्री या गजकुंडी अथवा कार्बाइड गन का निर्माण और विक्रय करता दिखाई दे, तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या डायल-112 पर सूचना दें। पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।