सीहोर और नर्मदापुरम क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते बरगी, तवा और बारना बांधों के गेट खुलने के कारण नर्मदा नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर 962.40 फीट पहुंच गया, जो खतरे के निशान 964 फीट से मात्र 1.60 फीट नीचे है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदा तटवर्ती 28 गांवों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
नीलकंठ, छीपानेर समेत घाट डूबे, मुक्तिधाम तक पहुंचा पानी
घाटों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन पर रोक लगा दी गई है। नीलकंठ, छीपानेर, मंडी, सातदेव, चौरसाखेड़ी, डिमावर, बाबरी, रानीपुरा जैसे गांवों के घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। नीलकंठ का मुक्तिधाम भी जलमग्न हो गया है। खेतों में पानी भर जाने से फसलें चौपट हो गईं हैं।
तटवर्ती गांवों का टूटा संपर्क, कोलार नदी भी उफान पर
नर्मदा की सहायक कोलार नदी भी उफान पर हैं। इससे डिमावर और छिदगांव कांछी जैसे गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। आपदा प्रबंधन की टीमें गांव-गांव सतर्कता में लगाई गई हैं। सामुदायिक भवन, स्कूल और मांगलिक भवनों में लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
लगातार बारिश और खुले डैम गेट ने बढ़ाई चिंता
बीते तीन दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश और डैमों की अत्यधिक जलआवक से हालात बिगड़े। मंगलवार रात तवा डैम के 9 गेट 7-7 फीट तक खुले थे, जिन्हें धीरे-धीरे बंद किया गया, लेकिन बरगी डैम के 15 और बारना डैम के 8 गेट बुधवार दोपहर तक खुले रहे। इससे नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा।
प्रशासन सतर्क, पंचायत सचिवों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश
एसडीएम एमएल रघुवंशी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों को राहत शिविरों में तब्दील करने की योजना बनाई गई है। जलस्तर में और वृद्धि होती है तो इन भवनों में बाढ़ प्रभावितों को शिफ्ट किया जाएगा।
अगले चार दिन और बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों तक मध्यम से हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। ऐसे में नर्मदा और कोलार नदी का जलस्तर और बढऩे की संभावना है। प्रशासन की नजर पूरी स्थिति पर बनी हुई है।