जिले के आमलदा गांव में बुधवार शाम को राजू यादव और उनके 13 साल के भतीजे शिवम की पार्वती नदी के उफनते पानी में डूबकर मौत हो गई। गुरुवार सुबह दोनों के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। शाम को राजू यादव और शिवम अपने खेत की तरफ गए थे। खेत में रखे पाइप और अन्य सामान को बचाने के लिए वे घर से निकले थे, लेकिन रात तक वे नहीं लौटे। पहले तो परिजनों ने सोचा कि दोनों खेत पर ही रुक गए होंगे, लेकिन जब पूरी रात कोई खबर नहीं मिली और संपर्क भी नहीं हो पाया, तो चिंता बढ़ गई। रातभर गांव के लोग और परिजन उन्हें ढूंढते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह जब पार्वती नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ, तो लोग फिर से खेत की तरफ पहुंचे। वहां दोनों के शव खेत के किनारे पानी में अक दूसरे से लिपटे मिले। इससे साफ झलकता है कि शायद ताऊ ने भतीजे को बचाने की कोशिश की होगी, लेकिन खुद भी पानी की चपेट में आ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। लोगों का कहना है कि राजू अपने परिवार के लिए मजदूरी करके खेत संभालते थे। उनका भतीजा शिवम पढ़ाई करता था, लेकिन साथ ही खेती में भी हाथ बंटाता था। दोनों की मेहनत और सादगी पूरे गांव में जानी जाती थी।इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन की ओर से आपदा राहत सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
एएसआई देहात थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि देहात थाना क्षेत्र के गांव आमल्दा में चाचा भतीजा राजू यादव और शिवम यादव का शव खेत में मिला है। जो कि कल शाम को खेत पर गए थे, जिनका रातभर पता नहीं चला, सुबह दोनों का शव मिला। पुलिस की ओर से दोनों के शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल लाया गया है और कार्रवाई की जा रही है।