जिले में आने वाले आष्टा क्षेत्र की अदालत
सीहोर जिले के आष्टा में एक नाबालिग छात्रा का पीछा करने, धमकाने और बुरी नीयत से छेड़छाड़ करने वाले सतीश मेवाड़ा को न्यायालय ने गुरुवार को तीन साल की सजा सुनाई। आरोपी छात्रा से कहता था — मैं तुझसे प्यार करता हूं, तुझसे शादी करूंगा, तुझे भगाकर ले जाऊंगा।
घटना 27 दिसंबर 2023 की है। शाम 6 बजे जब पीड़िता कोचिंग से घर लौट रही थी, तभी शिवालय अस्पताल के पास आरोपी मोटरसाइकिल से आकर रास्ता रोकता है। उसने लड़की का हाथ पकड़कर कहा — मेरी गाड़ी पर बैठ, वरना जान से मार दूंगा। डरी-सहमी छात्रा हाथ छुड़ाकर भागी और घर पहुंची। पीड़िता के अनुसार आरोपी दो महीने से उसका पीछा कर रहा था। रास्ते में रोककर बात करने के लिए मजबूर करता, मोबाइल देता और इंकार करने पर जान से मारने की धमकी देता। एक बार पीड़िता की मां ने आरोपी को समझाया, तो कुछ दिन रुक गया, लेकिन फिर से हरकतें शुरू कर दीं।
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पुलिस में दर्ज हुआ मामला
पीड़िता की शिकायत पर थाना आष्टा में अपराध क्रमांक 760/23 पंजीबद्ध किया गया। इसमें धारा 354, 354(क), 354(घ), 341, 506 भादवि एवं 7/8, 11/12 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने विवेचना पूरी कर विशेष प्रकरण क्रमांक 24/24 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया। मामले में विशेष न्यायाधीश तहसील आष्टा विजय डांगी ने अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने धारा 354ए भादवि में 1 वर्ष, धारा 11(चार)/12 पॉक्सो एक्ट में 1 वर्ष तथा धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल ₹2100 अर्थदंड से दंडित किया।
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अभियोजन की सख्त पैरवी
शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेंद्र सिंह ठाकुर ने की। उन्होंने अदालत में आरोपी के लगातार पीछा करने, धमकी देने और नाबालिग के साथ अश्लील व्यवहार के सबूत पेश किए। अदालत ने माना कि आरोपी का व्यवहार न केवल पीड़िता बल्कि समाज की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। यह फैसला इस बात का संदेश देता है कि नाबालिगों से छेड़छाड़ और पीछा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आष्टा में इस सजा की चर्चा तेज है और लोग इसे न्याय की जीत मान रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में और भी कड़ी सजा होनी चाहिए, ताकि कोई दोबारा ऐसी हिम्मत न करे।