सीहोर जिले के आष्टा नगर में एक बड़ी और सुनियोजित ठगी का मामला सामने आया है, जिसने व्यापारियों और सराफा कारोबारियों को सतर्क कर दिया है। दो शातिर ठगों ने महीनों तक भरोसा जीतने की रणनीति अपनाई और फिर एक ही दिन में करीब 26 लाख 40 हजार रुपये की ठगी कर फरार हो गए। आरोपियों ने नकली सोने के सिक्कों को असली बताकर ज्वेलर से लाखों रुपये नकद लिए और साथ ही महंगे सोने-चांदी के आभूषण भी खरीद लिए।
पुलिस के अनुसार ठगी की यह वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे लंबी योजना थी। पिछले दो से तीन महीनों से दो अज्ञात व्यक्ति बुधवारा स्थित गिरिराज ज्वैलर्स पर आते-जाते रहे। इस दौरान उन्होंने कई बार असली सोने के सिक्के गिरवी रखे और समय पर लेन-देन कर ज्वेलर का विश्वास हासिल कर लिया। लगातार व्यवहार से उन्होंने यह विश्वास पैदा कर दिया कि वे नियमित और भरोसेमंद ग्राहक हैं।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे दोनों आरोपी एक बार फिर दुकान पर पहुंचे। इस बार वे अपने साथ 23 सोने जैसे दिखने वाले सिक्के लेकर आए। आरोपियों ने इन्हें गिरवी रखने की बात कही और बदले में 20 लाख रुपये नकद प्राप्त कर लिए। ज्वेलर गिरिराज सोनी ने पुराने व्यवहार और विश्वास के आधार पर सिक्कों की गहन जांच नहीं की, जिसका फायदा ठगों ने उठाया।
जेवर खरीदकर भी हुए फरार
सिर्फ नकद रकम लेने तक ही आरोपियों की योजना सीमित नहीं थी। दुकान में मौजूद रहते हुए उन्होंने लगभग 6 लाख 40 हजार रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण भी खरीद लिए। भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपी दुकान से निकल गए। बाद में जब सिक्कों की जांच की गई तो वे नकली निकले। इसके बाद व्यापारी गिरिराज सोनी के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की जांच कर रही पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जो पहचान पत्र और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए थे, वे भी फर्जी पाए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपियों ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी और अपनी असली पहचान छिपाने के लिए हर संभव इंतजाम किया था।
पढ़ें: पथराव में छह वनकर्मी घायल, जेसीबी भी क्षतिग्रस्त; क्षेत्र में तनाव
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
आष्टा थाना प्रभारी नगर निरीक्षक गिरीश दुबे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस विभिन्न तकनीकी माध्यमों से भी उनकी तलाश में जुटी हुई है।
व्यापारियों के लिए चेतावनी बनी घटना
यह घटना सराफा व्यापारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई है। अपराधियों ने पहले विश्वास जीतने और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाने की रणनीति अपनाई। पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी कीमती धातु या आभूषण के लेन-देन से पहले उसकी वैज्ञानिक जांच अवश्य कराएं तथा ग्राहक की पहचान का सत्यापन भी सुनिश्चित करें।
आरोपियों की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस हाईटेक ठगी के पीछे शामिल आरोपियों तक पहुंच बनाई जा सकेगी।