सीहोर जिले के इछावर थाना क्षेत्र के ग्राम सतपिपलिया में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां मामूली घरेलू विवाद ने खूनी अंजाम ले लिया। बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी और पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को सुनसान रास्ते पर फेंक दिया। लेकिन साजिश ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी और पुलिस ने महज कुछ घंटों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस को आरोपी ने खुद किया फोन
रविवार सुबह करीब 9:30 बजे देवेंद्र परमार ने पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई अंकुश परमार का शव रामनगर रोड पर हेमराज के खेत के पास पड़ा है। शव पर गहरे घाव थे, जो साफ तौर पर धारदार हथियार से किए गए लग रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में ही मामला हत्या का प्रतीत हो रहा था। घटना के बाद बड़ा भाई देवेंद्र बयान बार-बार बदल रहा था, जिससे पुलिस का शक गहराता गया। पुलिस ने गांव के पुराने विवादों और कॉल डिटेल्स खंगालनी शुरू की, लेकिन सबसे बड़ा सुराग खुद आरोपी के बयानों से मिला। यही वह बिंदु था, जहां से जांच ने नया मोड़ लिया।
फॉरेंसिक टीम की एंट्री और कालीन ने खोला राज
भोपाल से स्पेशल फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को मौके पर बुलाया गया। जब टीम आरोपी के घर पहुंची तो वहां साफ-सफाई और चूने की ताजा पुताई ने शक और बढ़ा दिया। खून के निशान मिटाने की पूरी कोशिश की गई थी। लेकिन जैसे ही कमरे में बिछा कालीन हटाया गया, सच्चाई सामने आ गई। कालीन के नीचे खून के धब्बे मिले, जिसने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। बताया जाता है कि हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए हर संभव कोशिश की। खून से सने कपड़े जला दिए, हथियार को घर के पीछे छिपा दिया और दीवारों पर चूना पोतकर निशान मिटाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली से करीब 2 किलोमीटर दूर फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना या अज्ञात हमले जैसा लगे। लेकिन पुलिस की सूझबूझ के आगे उसकी सारी चालें फेल हो गईं।
पूछताछ में टूटा आरोपी, कबूला जुर्म
एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी देवेंद्र ज्यादा देर तक खुद को संभाल नहीं सका और उसने अपने छोटे भाई की हत्या करने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि शनिवार रात दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें वह अचानक हिंसक हो गया और उसने गुस्से में आकर छोटे भाई पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अंकुश शराब का आदी था और अक्सर नशे की हालत में परिवार के साथ झगड़ा करता था। घटना वाली रात भी वह माता-पिता से मारपीट कर रहा था, जिससे गुस्साए बड़े भाई ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। दोनों भाइयों की गलत आदतों के कारण उनकी शादी भी नहीं हो पा रही थी, जो परिवार में तनाव का कारण बनी हुई थी।
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कुछ ही घंटों में सुलझी हत्या की गुत्थी
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस ने तेजी दिखाई। महज 5 से 14 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक रामनरेश नरवरे की अहम भूमिका रही, जिनकी सतर्कता से सच्चाई जल्द सामने आ सकी।