प्रदर्शन करते खेड़ापुरा के ग्रामीण।
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जनपद पंचायत आष्टा का ग्राम खेड़ापुरा आजादी के 75 वर्ष बाद भी विकास कार्यों के लिए तरस रहा है। सड़क, पानी, बिजली सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गए। बहुजन मुक्ति मोर्चा युवा प्रकोष्ट जिलाध्यक्ष जितेंद्र मालवीय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का एक मात्र प्राथमिक स्कूल बंद पड़ा है, जिस कारण बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। आंगनबाड़ी नहीं होने के कारण बच्चों को पोषक आहार भी नसीब नहीं हो रहा है। खेड़ापुरा की आबादी 700 के करीब है। इस के बाद भी खेड़ापुरा से मेहतवाड़ा तक पहुंच जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है। कच्चा रास्ता होने से बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना काफी मुसीबतों से भरा होता है। ऐसे में अगर कोई बीमार हो जाए तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है।
गांव में कोई कोटवार चौकीदार भी नहीं है, जिसके चलते शासन स्तर की योजना की जानकारी ग्रामीणों को नहीं मिलती है और सुरक्षा का अभाव बना हुआ है। ग्राम के गजराज सिंह, राजकुमार, सतीश, गोविंद बड़ोदिया, धर्मेंद्र सिंह, रोहित, लक्ष्मण, पंकज आदि ग्रामीणों ने सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।