सीहोर। युवक पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी ने तीन आरोपियों को दोषी करार देकर आजीवन कारावास और 1500-1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में कुल चार आरोपी थे, जिनमें से एक नाबालिग होने के कारण उसे सजा नहीं सुनाई गई। यह घटना बुदनी थाना क्षेत्र में हुई थी।
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अभियोजन के अनुसार, 22 अप्रैल 2022 की रात करीब 12 बजे फरियादी अपने घर पर सो रहा था। इसी दौरान आरोपी प्रताप उर्फ संजीव सिंह राजपूत और विजय उसके घर आए और उसके भाई इमरत लाल के बारे में पूछताछ करने लगे। फरियादी ने अपने भाई को जगाया, जिसके बाद आरोपी उसे बातचीत के बहाने गरडिया नाले की ओर ले गए।
रास्ते में बेरहमी से मारपीट
गरडिया नाले के रास्ते में तीन अन्य आरोपी—अभिषेक, राज और एक अन्य व्यक्ति—मिले, जिनके हाथ में लोहे की रॉड थी। सभी ने मिलकर इमरत पर बेरहमी से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फरियादी ने अपनी मां की मदद से खून से लथपथ इमरत को बाइक से अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कोर्ट का फैसला
बुदनी पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर चालान न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों—प्रताप उर्फ संजीव, राज उर्फ रामसिंह सैनी और अभिषेक उर्फ अभी—को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 1500-1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एन.एस. मेवाड़ा ने पैरवी की।