पॉक्सो न्यायालय के विशेष न्यायाधीश अभिलाष जैन ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नाबालिग से गलत हरकत करने वाले चाणक्यपुरी सीहोर निवासी आरोपी को पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक केदार सिंह कौरव ने मामले में पैरवी करते हुए बताया कि पीड़िता ने 18 मई 2022 को अपने माता-पिता के साथ थाना कोतवाली में उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वह अपने भाई और दादी के साथ खेत पर रहती थी। उसके पिता ने आरोपी नरबत सिंह राजपूत को दो वर्ष के लिए मुनाफे पर खेत दे दिया था, जहां नरबत सिंह खेती करता था। पीड़िता ने बताया कि पिछले एक महीने से जब भी उसकी दादी मजदूरी करने चली जाती थी, आरोपी नरबत सिंह घर के पास स्थित इमली के पेड़ के पास बुलाकर उससे शारीरिक छेड़छाड़ करता था।
घटना को पीड़िता के छोटे भाई ने भी देखा, लेकिन आरोपी ने उसे धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो दादी और आरोपी उसे पीटेंगे। डर के कारण पीड़िता ने यह बात किसी को नहीं बताई। बाद में उसने अपने भाई और माता-पिता के साथ पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने गई।
पुलिस जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पीड़िता ने न्यायालय में घटना का पूर्ण समर्थन किया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी नरबत सिंह राजपूत को दोषी करार दिया और धारा 354 भादवि में पांच साल का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।