सावन की भोर से लेकर रात के अंतिम पहर तक, सीहोर रेलवे स्टेशन इस बार किसी मेले से कम नहीं दिखा। कांवड़ यात्रा में शामिल लाखों श्रद्धालु, माथे पर केसरिया पट्टी, हाथों में गंगाजल की कांवड़, और होठों पर “बोल बम” की गूंज—हर तरफ भक्ति की बयार बह रही थी। सामान्य दिनों से दस गुना ज्यादा भीड़ ने स्टेशन को आस्था के रंग में रंग दिया।
रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीना के अनुसार, भीड़ का अंदाजा पहले ही लगा लिया गया था। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने मंडल कार्यालय से हालात पर लगातार नज़र रखी। मेकेनिकल, ऑपरेटिंग, इंजीनियरिंग, बिजली, मेडिकल और सुरक्षा विभाग—हर टीम ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई, मानो यह सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि सेवा का पर्व हो। 5 से 8 अगस्त के बीच स्टेशन पर लाखों श्रद्धालु पहुंचे, जो सामान्य दिनों की तुलना में दस गुना अधिक भीड़ थी।
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टिकट खिड़कियों पर श्रद्धालुओं का सैलाब
11 अतिरिक्त टिकट काउंटरों पर सुबह से रात तक लाइनें लगी रहीं। 26 शिफ्टों में कर्मचारी लगातार टिकट जारी करते रहे, वहीं पूछताछ काउंटर पर डबल शिफ्ट में स्टाफ यात्रियों की मदद करता रहा। 30 टिकट चेकिंग स्टाफ ने ट्रेनों में व्यवस्था बनाए रखी। चार दिन में सिर्फ अनारक्षित टिकटों से रेलवे को 50 लाख रुपये की ऐतिहासिक कमाई हुई।
विशेष ट्रेनों से आसान हुई यात्रा
श्रद्धालुओं के सफर को सुगम बनाने के लिए उज्जैन-भोपाल और उज्जैन-सीहोर मार्गों पर प्रतिदिन दोनों दिशाओं में 36 फेरे अनारक्षित ट्रेन के चलाए गए। प्लेटफॉर्म पर चढ़ने और उतरने में मदद के लिए रेलवे स्टाफ हर समय मौजूद रहा, ताकि किसी को धक्का-मुक्की या परेशानी का सामना न करना पड़े।
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सुरक्षा और सुविधा—दोनों का ध्यान
840 वर्गमीटर में स्थायी होल्डिंग एरिया और 700 वर्गमीटर में टेंट यात्रियों के इंतजार को आरामदायक बना रहे थे। पानी की व्यवस्था, तेज रोशनी और सुरक्षा के लिए आरपीएफ के 25 और जीआरपी के 20 जवान हर समय तैनात थे। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में प्लेटफॉर्म और ट्रैक, दोनों पर सख्त नियंत्रण रहा।
स्वच्छता की मिसाल
इतनी भारी भीड़ के बावजूद स्टेशन पर सफाईकर्मी लगातार सक्रिय रहे। पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सुविधा हर समय उपलब्ध रही। मेडिकल टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया, जिससे किसी भी आपात स्थिति को तुरंत संभाला जा सका।
प्रशासनिक तालमेल और सम्मान
रेलवे ने स्थानीय जिला प्रशासन के साथ मिलकर भीड़ प्रबंधन में बेहतरीन तालमेल दिखाया। मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य के लिए सीहोर स्टेशन टीम की सराहना की और उन्हें बधाई दी।