किसानों ने सडक़ों पर आकर लगा दिया जाम
गल्ला मंडी में उपज की भारी आवक के बीच बुधवार को हम्मालों ने पारिश्रमिक दर न बढ़ने के विरोध में काम बंद कर दिया, जिससे मंडी में नीलामी प्रक्रिया ठप हो गई। जब यह बात व्यापारियों तक पहुंची, तो उन्होंने भी नीलामी में भाग नहीं लिया। इस देरी से किसानों में आक्रोश फैल गया, और उन्होंने मुख्य इंदौर-भोपाल मार्ग पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सड़क दोनों ओर से जाम हो गई।
किसानों का आक्रोश और दो घंटे तक जाम
किसानों का आरोप था कि उन्हें अपनी उपज बेचने में बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के चलते दो घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी, एसडीओपी दीपक कपूर और थाना प्रभारी घनश्याम दांगी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए व्यापारियों और हम्मालों के बीच वार्ता कर समाधान का प्रयास किया।
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समस्या हल करने का आश्वासन, हम्माल काम पर लौटे
एसडीओपी दीपक कपूर ने बताया कि अगले दो दिनों के भीतर समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया है। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने भी कहा कि पारिश्रमिक दरों को लेकर व्यापारी और हम्मालों के बीच विवाद का समाधान किया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद हम्माल काम पर लौट आए और व्यापारियों ने नीलामी प्रक्रिया में भाग लिया।
फिर हो सकती है परेशानी
हालांकि, यदि दो दिन में समाधान नहीं निकला, तो फिर से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मजदूर हर दो साल में 6% वेतन वृद्धि और गाड़ी खाली कराने के लिए 50 की बजाय 60 रुपये मजदूरी की मांग कर रहे हैं।
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नीलामी में देरी, 250 ट्रालियों की हुई नीलामी
नीलामी प्रक्रिया शाम 6:30 बजे तक जारी रही। इस दौरान मंडी प्रांगण में खड़ी 300 में से 250 ट्रालियों की नीलामी पूरी हो सकी, जबकि 50 ट्रालियों की नीलामी नहीं हो पाई। बुधवार को मंडी में लगभग 10,000 क्विंटल अनाज की आवक दर्ज की गई। नीलामी में गेहूं का भाव 2400 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
किसानों ने सडक़ों पर आकर लगा दिया जाम