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Sehore: साजिश रचकर हत्या करने वाले तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, 15 हजार रुपये जुर्माना

Tue, 24 Jan 2023 07:38 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में हत्या के सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सीहोर जिले में जघन्य एवं सनसनीखेज मामले में रंजिश के तहत हत्या करने वाले तीन आरोपीगण को न्यायालय ने आजीवन कारावास और कुल 15 हजार रुपये अर्धदण्ड से दंडित किया है। मीडिया सेल प्रभारी केदार सिंह कौरव ने बताया, मामला 12 जुलाई 2021 का है। फरियादी दीपक पिता दीनदयाल यादव निवासी नोनीखेड़ी गोसाई ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि मेरा भाई योगेश अपने घर से फंदा की तरफ मजदूरी करने गया था। योगेश रात को घर नहीं आया और उसके पास मोबाइल भी नहीं थी। ऐसे में उससे संपर्क नहीं हो पाया।

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फरियादी दीपक के मुताबिक, सुबह करीब नौ बजे मैं घर में था। उसी समय गांव के भूरा का फोन आया और उसने बताया कि आपका भाई योगेश छोटी नदी झील के अन्दर खून से सना मरा पड़ा है, तो मैंने अपने पिता को बताया और उन्हें साथ लेकर झील की तरफ आया। वहां देखा कि योगेश छोटी नदी झील में खून से सना हुआ था, उसके सिर में दो जगह चोट और आंख, नाक, मुंह पूरी तरह से खून से लथपथ व गर्दन पर चोट के निशान हैं। योगेश के सिर के पास दो तीन पत्थर पड़े हुए थे, जिनमें खून लगा हुआ था। मेरे भाई योगेश की किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर मार-मारकर हत्या कर दी थी।

शराब पीकर खाना खाया था...
विवेचना में पता चला था कि 11 जुलाई 2021 की शाम मजदूरी से वापस आते वक्त योगेश अड्डू ढाबा में मथुरा पंडित के पास रूक गया था। रात के समय मृतक योगेश, मनीष, मथुरा प्रसाद शर्मा और कपिल अडू ढाबा फंदा के पास में शराब पीकर खाना खाए थे। ढाबा संचालक गोविन्द सिंह ठाकुर से पूछताछ करने पर मनीष मथुरा प्रसाद और दो अन्य व्यक्ति ढाबा में खाना खाने का 912 रुपये बिल मांगने पर उनके पास पैसा न होने से मनीष स्वयं की इच्छा से अपना मोबाइल रखकर जाना और सुबह पैसा देकर मोबाइल वापस लेने का कहा था। रात में योगेश अपने घर नहीं पहुंचा और सुबह भूरा के बताने पर उसके भाई और पिता के झील के पास जाकर देखने पर योगेश का चोटिल खून से लथपथ शव मिला और विवेचना के दौरान संदेही मनीष, मथुरा प्रसाद तथा कपिल की तलाश कर पकड़ा गया।
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पूछताछ करने पर मनीष ने बताया कि मेरी पत्नी का मृतक योगेश से नजदीकियां बढ़ने लगी थी, जो मुझे पसंद नहीं था। उसने योजना बनाकर अपने साथियों के साथ अड्डू ढाबा पर बुलाकर मृतक को शराब पिलाकर गांव की तरफ मोटर साइकिल से चारो जाने लगे। जैसे गांव के समीप पुलिया के पास पहुंचे तो मथुरा ने रोका और कहा की तू केस में राजीनामा कर ले और मनीष की पत्नी से मनीष का समझौता कराऊंगा। लेकिन मना करने पर आरोपीगणों ने मृतक योगेश का गला दबाकर और पत्थर से मुंह व सिर में मारकर हत्या कर दी। मामले की सम्पूर्ण विवेचना के बाद अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ सविता पनिका और एनएस मेवाडा विशेष लोक अभियोजक सीहोर द्वारा जिला अभियोजन अधिकारी अनिल कुमार बादल के मार्गदर्शन में की है। न्यायालय के समक्ष दिए गए अभियोजन तर्को से सहमत होकर न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण मनीष, मथुरा प्रसाद और कपिल को धारा 302/34 भादवि एवं 3 (2-5) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।

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